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26 जून को देशभर में राजभवन घेरेंगे किसान, महिला आंदोलनकारियों की शिकायतों के लिए भी जारी होगा हेल्पलाइन नंबर

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलित किसानों के 'संयुक्त किसान मोर्चे' ने 26 जून को देशभर के राजभवनों पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। मोर्चे ने कहा है कि वो काले झंडे भी दिखाएगा। इधर, महिला आंदोलनकारियों की शिकायतों और चिंताओं के मद्देनजर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जा रहे हैं।
 

Protest against agricultural laws, farmers will protest at Raj Bhavan on June 26 kpa
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New Delhi, First Published Jun 12, 2021, 9:23 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलित किसान 26 जून को देशभर में राजभवनों का घेराव करेंगे। इस दिन किसान आंदोलन को 7 महीने पूरे हो रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता इंद्रजीत सिंह ने बताया कि 24 जून को आंदोलन स्थलों पर संत कबीर जंयती भी मनाई जाएगी। इसी दिन पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के किसानों को धरनास्थल पर बुलाया जाएगा।

राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करना चाहिए
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा-7 महीने पूरे होने पर राज्यपाल को एक ज्ञापन ​जाएगा और ये ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम होगा। 7 महीने पूरे हो गए हैं, सरकार बात नहीं कर रही है तो राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करना चाहिए ये ज्ञापन जाएगा।

आंदोलन के लिए अनुमति नहीं लेंगे किसान
26 जून के प्रदर्शन के लिए किसानों ने प्रशासन से किसी भी तरह की अनुमति लेने से इनकार कर दिया है। किसान नेता इंद्रजीत ने कहा है कि 26 जून को खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ दिवस मनाएंगे। इसके तहत राजभवनों का घेराव करके काले झंडे दिखाए जाएंगे। बाद में राष्ट्रपति के नाम एक यापन सौंपा जाएगा। संयुक्त मोर्चा की यह बैठक शुक्रवार को हरियाणा के कुंडली बार्डर पर हुई।

40 किसान संघों के साथ होने का दावा
संयुक्त किसान मोर्चे ने दावा किया कि उसके साथ देश के 40 से अधिक किसान संघ हैं। किसान नेता ने कहा कि 26 जून वो दिन है, जब 1975 में देश में आपातकाल लागू किया गया था। यह भी एक अघोषित आपातकाल है। किसान इस समय दिल्ली के बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान बड़ी संख्या में शामिल हैं।

महिला प्रदर्शनकारियों की फिक्र
बैठक में किसान आंदोलन में शामिल महिला प्रदर्शनकारियों की शिकायतों पर भी गौर किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि महिलाओं की सुरक्षा और अन्य चिंताओं को देखते हुए शनिवार तक समितियां बनाई जाएंगी। इसके बाद रविवार तक हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे।

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