भारत के लिए 8 अक्टूबर का दिन खास है। इस दिन भारत को उसका सबसे घातक हथियार मिलने जा रहा है। जी हां। रक्षा मंत्री 8 अक्टूबर को फ्रांस में होंगे और वहीं शस्त्र पूजा भी करेंगे। राजनाथ सिंह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। 

नई दिल्ली. भारत के लिए 8 अक्टूबर का दिन खास है। इस दिन भारत को उसका सबसे घातक हथियार मिलने जा रहा है। जी हां। रक्षा मंत्री 8 अक्टूबर को फ्रांस में होंगे और वहीं शस्त्र पूजा भी करेंगे। राजनाथ सिंह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद अधिकारिक तौर पर भारत को राफेल विमान सौंपा जाएगा। फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीद रहा है। 58 हजार करोड़ यह सौदा हुआ था। रोचक बात यह है कि पहले राफेल का नाम आरबी 001 रखा गया है। यह नंबर राफेल डील में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया को समर्पित है।

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10 पायलट मई तक फ्रांस में लेंगे ट्रेनिंग
राजनाथ सिंह के साथ 10 भारतीय पायलट भी जा रहे हैं। इनके साथ में 40 टेक्नीशियन भी जा रहे हैं। ये मई तक फ्रांस में ट्रेनिंग लेंगे। इसी दौरान पहले चार रफाल मई के अंत तक भारत आएंगे। 2022 तक पूरे 36 राफेल विमान भारत में होंगे।

पहले 18 राफेल अम्बाला में होंगे तैनात
फ्रांस से मिलने वाले 19 राफेल पाकिस्तान सीमा के पास अम्बाला एयरबेस पर तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा 18 विमान हाशीमारा एयरबेस पर तैनात किए जाएंगे।