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मोदी सरकार पर राहुल गांधी का अटैक, बोले- लॉकडाउन फेल, 60 दिन बाद भी दौड़ रहा कोरोना, अब आगे क्या?

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महीने पहले कहा था कि हम 21 दिन में कोरोना वायरस को हरा देंगे, लेकिन अब 60 दिन बाद हमारे देश में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है और लॉकडाउन को हटाया जा रहा है। राहुल बोले कि लॉकडाउन का मकसद पूरी तरह से फेल हो गया है। 

Rahul Gandhi says India only country in world which is removing lockdown when the virus is exponentially rising kps
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New Delhi, First Published May 26, 2020, 12:29 PM IST
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नई दिल्ली. देश में जारी कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन फेल होने का भी आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महीने पहले कहा था कि हम 21 दिन में कोरोना वायरस को हरा देंगे, लेकिन अब 60 दिन बाद हमारे देश में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है और लॉकडाउन को हटाया जा रहा है। राहुल बोले कि लॉकडाउन का मकसद पूरी तरह से फेल हो गया है। 

राहुल गांधी ने कहा कि लॉकडाउन के चार चरणों में वो नतीजे नहीं मिले हैं, जो पीएम ने उम्मीद की थी। ऐसे में अब हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि सरकार आगे क्या करेगी, क्योंकि लॉकडाउन फेल हो गया है। राहुल ने आरोप लगाया कि पूरी दुनिया जब लॉकडाउन हटा रही है तो वहां केस कम हो रहे हैं, लेकिन हमारे यहां केस बढ़ रहे हैं और लॉकडाउन हट रहा है। राहुल ने सवाल किया कि पीएम मोदी गरीबों के लिए, किसानों के लिए क्या कर रहे हैं उसका जवाब दे दें।

राहुल ने पूछा सरकार से सवाल

अगली स्ट्रेटजी क्या है?
हिंदुस्तान की सरकार क्या सोच रही है?
लॉकडाउन को किस प्रकार से हटाएगी?
गरीबों को कैसी मदद पहुंचाएगी?
छोटे उद्योगों की कैसे रक्षा होगी?
प्रवासियों के लिए क्या होगा?

पीएम मोदी को फिर से फ्रंट फुट पर आना चाहिए

राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले फ्रंट फुट पर खेल रहे थे, लेकिन लॉकडाउन फेल हुआ तो बैकफुट पर चले गए। उन्हें फिर से फ्रंट फुट पर आना चाहिए। प्रधानमंत्री और उनके प्रमुख सलाहकारों ने कहा था कि मई के आखिर तक कोरोना वायरस का असर घटने लगेगा, लेकिन ऐसा तो नहीं हो रहा। अब सरकार बताए कि आगे क्या प्लान है? लॉकडाउन खोलने की स्ट्रैटजी में प्रवासियों और राज्यों की मदद के क्या इंतजाम हैं? 

'गरीबों के हाथ में पैसा पहुंचना जरूरी'

राहुल ने कहा कि सरकार ने आर्थिक पैकेज में जो दिया, उससे कुछ नहीं होने वाला। लोगों के हाथों में पैसा पहुंचना चाहिए। आम लोगों और इंडस्ट्री को आर्थिक मदद नहीं मिली तो नतीजे खतरनाक होंगे। केंद्र को राज्यों की भी मदद करनी चाहिए। इसके बिना कांग्रेस शासित प्रदेशों को दिक्कतें आएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार अभी भी लोगों को 7500 रुपए हाथ में दे सकती है। 

'बॉर्डर के मुद्दे पर भी सरकार पारदर्शी नहीं'

चीन से चल रहे तनाव पर राहुल ने कहा कि सरकार को ये साफ बताना चाहिए कि कब-कब और क्या-क्या हुआ? नेपाल में क्या हुआ था और अब लद्दाख में क्या हो रहा है? इस बारे में अभी तक पारदर्शिता नहीं है। 

हिंदुस्तान की शक्ति बाहर से नहीं बनती 

थोड़ी सी मेरी बातचीत जो सरकार में डिसिजन मेकर्स हैं, उनसे इनडायरेक्टली होती रहती है। उनकी राय है कि अगर हमने बहुत सारा पैसा गरीब लोगों को दे दिया, मजदूरों को दे दिया, तो बाहर के देशों में गलत इंप्रेशन चला जाएगा। हमारी रेटिंग खराब हो जाएगी। मैं फिर से दोहरा रहा हूं, हिंदुस्तान की शक्ति बाहर से नहीं बनती है, हिंदुस्तान की शक्ति हिंदुस्तान के अंदर से बनती है। जब हिंदुस्तान मजबूत होता है, तो हिंदुस्तान की शक्ति में शक्ति होती है, तो पूरी दुनिया देखती है और इमेज बनती है हमारी। हिंदुस्तान की शक्ति की रक्षा करने की जरूरत है। इसके लिए 50 फीसदी लोगों को डायरेक्ट कैश देना होगा। महीने का साढ़े सात हजार रुपये देना होगा। 

मैंने फरवरी में ही कहा था- स्थिति खराब होने जा रही है 

मैंने सरकार से फरवरी में ही कहा था कि स्थिति काफी खराब होने जा रही है। अभी भी वही कह रहा हूं। सरकार से निवेदन कर रहा हूं कि आप इकनॉमिक ऐक्शन लीजिए, कैश इंजेक्शन दीजिए। छोटे उद्योगों की रक्षा कीजिए। भारत में पिछले काफी समय से बेरोजगारी की समस्या है, लेकिन अभी कोरोना संकट की वजह से ये समस्या बढ़ गई है। अब कई छोटे बिजनस बंद हो जाएंगे और लोगों की नौकरियां जाएंगी। 

दो महीने में राहुल की चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस

लॉकडाउन के बीते 60 दिन में ये राहुल की चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। इस दौरान उन्होंने दो बार नेशनल मीडिया से और दो बार रीजनल मीडिया से बात की।

 

 

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