नई दिल्ली. राहुल गांधी का एक बयान पार्टी को भारी पड़ता दिख रहा है। यही वजह है कि अब कांग्रेस राहुल गांधी के बचाव में आ गई है। राहुल ने तिरुवनंतपुरम में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, पहले 15 वर्षों के लिए मैं उत्तर में एक सांसद था। मुझे एक अलग प्रकार की राजनीति की आदत हो गई थी। लेकिन केरल आना मेरे लिए ताजगी भरा रहा, क्योंकि यहां के लोग मुद्दों की राजनीति करते हैं और सिर्फ सतही नहीं, बल्कि मुद्दों की तह तक जाते हैं। 

उत्तर विरोधी और अवसरवादी का आरोप 

भाजपा ने इन टिप्पणियों को उत्तर भारतीय विरोधी और अवसरवादी करार दिया। भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसे आरोपों पर हंसी आती है। उन्होंने कहा, कांग्रेस नहीं बल्कि आज एक ऐसी सरकार (मोदी सरकार) है जिसने वास्तव में बांटने का काम किया है। 

राहुल के बयान पर दो धड़ों में बंटी कांग्रेस

पहला धड़ा- कह रहा कि राहुल से ही पूछो

राहुल गांधी की टिप्पणी पर कपिल सिब्बल ने कहा, जिसने कहा वही समझा सकता है कि ये बात किस संदर्भ में कही गई है। मैं केवल यह कह सकता हूं कि इस देश में मतदाता बुद्धिमान है और हमें उसका सम्मान करना चाहिए।  वे बुद्धिमान हैं और जानते हैं कि किसे वोट देना है।

इसी तरह की बात करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ही स्पष्टीकरण दे सकते हैं। उन्होंने कहा, शायद वह अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा कर रहे थे। भारत के किसी भी हिस्से का अनादर नहीं कर रहे थे। उन्होंने अपने अनुभव को किस संदर्भ में कहा यह वे ही स्पष्ट कर सकते हैं ताकि कोई अनुमान या गलतफहमी न हो।

दूसरा धड़ा- राहुल का बचाव कर रहा है

कांग्रेस नेता और केरल से लोकसभा सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा, जब एक राजनेता किसी राज्य का दौरा करता है, तो वे उस राज्य के लोगों के बारे में विशिष्ट टिप्पणी करते हैं। उदाहरण के लिए जब प्रधानमंत्री असम जाते हैं, तो वह असम की चाय की प्रशंसा करते हैं। तो जाहिर है जब राहुल गांधी केरल आते हैं तो वे प्रशंसा करेंगे।  

स्मृति ने कहा- राहुल एहसान फरामोश है

इस बीच, मंगलवार को भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने राहुल गांधी पर निशाना साधा और उनकी टिप्पणी को अवसरवादी और विभाजनकारी करार दिया।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक ट्वीट में कहा, कुछ दिन पहले वह (राहुल गांधी) पूर्वोत्तर में थे। तब भारत के पश्चिमी हिस्से के खिलाफ जहर उगल रहे थे। आज दक्षिण में वह उत्तर के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। राहुल गांधी जी, फूट डालो और राज करो की राजनीति से काम नहीं चलेगा। लोगों ने इस राजनीति को खारिज कर दिया है।

2019 के लोकसभा चुनावों में अमेठी में राहुल गांधी को हराने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, एहसान फरामोश! इनके बारे तो दुनिया कहती है थोथा चना बाजे घना। 

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट किया, अपनी लोकसभा सीट को बचाने के लिए केरल भागे हुए व्यक्ति ने उत्तर भारतीयों की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठाया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी राहुल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं दक्षिण से आता हूं। मैं पश्चिमी राज्य से एक सांसद हूं। मैं उत्तर में पैदा हुआ, शिक्षित हुआ और काम किया। मैंने दुनिया के सामने पूरे भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारत एक है। किसी भी क्षेत्र को कमतर ना समझें। हमें कभी विभाजित न करें।