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पार्टी छोड़कर जिसे जाना है जाएगा, घबराने की जरूरत नहीं... राहुल गांधी ने ऐसे निकाला पायलट पर गुस्सा

कांग्रेस से चल रही अनबन के बीच सचिन पायलट ने बुधवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। समाचार एजेंसी एएनआई से की हुई बात में उन्होंने साफ कर दिया कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे। सचिन पायलट राजस्थान में चल रहे राजनीतिक संकट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पत्ते खोलेंगे।

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Jaipur, First Published Jul 15, 2020, 9:17 AM IST
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जयपुर. राजस्थान में चल रहे सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी और सचिन पायलट पर गंभीर आरोप लगाए। सीएम गहलोत ने कहा, सचिन पायलट खुद सरकार गिराने के लिए डील कर रहे थे। हमारे विधायकों को पैसे का लालच दिया जा रहा था। लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश की जा रही थी। हमारे पास इसके सबूत हैं। सचिन पायलट को लेकर गहलोत ने कहा, हमें अपने विधायकों को होटल में रखना पड़ा। अगर उस वक्त उन्हें होटल में नहीं रखते तो वही होता जो मानेसर में हुआ। अब खुद षडयंत्र में शामिल नेता सफाई दे रहे हैं। 

अपडेट्स

- सचिन पायलट की बगावत के बीच राहुल गांधी का बड़ा बयान आया है। सूत्रों के मुताबिक NSUI के नेताओं के साथ बैठक में राहुल ने कहा, जिसे जाना है, जाएगा। पार्टी छोड़ कर जाने वालों से घबराने की जरूरत नहीं है। उल्टे ऐसे लोग युवा पीढ़ी के लिए रास्ते खाली कर रहे हैं।

- राजस्थान विधानसभा के स्पीकर ने सचिन पायलट समेत 19 विधायकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 17 जुलाई तक जवाब देने के लिए कहा गया है कि उनकी सदस्यता क्यों खत्म ना की जाए। 

- कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा- सचिन पायलट को सांसद, केंद्रीय मंत्री बनाया गया। इसके बाद राजस्थान पार्टी अध्यक्ष, डिप्टी सीएम बनाया गया। उनकी उम्र ही क्या है? वे युवा हैं, उन्हें धैर्य रखना चाहिए था। उनके कदम पार्टी के अनुशासन के खिलाफ था. आजकल के युवाओं में धैर्य नहीं है।

- भाजपा ने सचिन पायलट के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बुधवार को जयपुर पहुंच रही हैं। 

इन नेताओं की रगड़ाई नहीं हुई- गहलोत

40 साल पहले हमारी रगड़ाई है, नई पीढ़ी की रगड़ाई नहीं हुई, इसलिए तकलीफ होती है। इनकी रगड़ाई नहीं हुई है। आए केन्द्रीय मंत्री बन गए और प्रदेश अध्यक्ष बन गए। हम लोगों की NSUI और यूथ कंग्रेस में रगड़ाई हुई है तब यहां पहुंचे हैं। डिप्टी सीएम खुद सरकार गिराने की साजिश में लगे थे।

भाजपा में शामिल नहीं होंगे सचिन

कांग्रेस से चल रही अनबन के बीच सचिन पायलट ने बुधवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। समाचार एजेंसी एएनआई से की हुई बात में उन्होंने साफ कर दिया कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, वे कांग्रेस में रहकर ही अपने लोगोंं के लिए काम करेंगे।

तूफान से पहले का है सन्नाटा

राजस्थान में पिछले 3 दिनों से राजनीतिक उठापटक और बैठकों का दौर जारी है। लेकिन इन सबके बीच सचिन पायलट ने खामोशी बना रखी है। हालांकि, उन्होंने अपने साथियों को ट्वीट के जरिए धन्यवाद कहा। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। ऐसे में उनके इस ट्वीट से अंदाजा लगाया जाने लगा कि उनकी शांति किसी बड़े तूफान का संकेत दे रही है। 

पार्टी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम पद से हटाए गए पायलट

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक से पहले सचिन पायलट से इसमें शामिल होने की अपील की गई थी। लेकिन वे और उनके खेमे के विधायक इसमें शामिल नहीं हुए। 

इसके बाद पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए सचिन पायलट को राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के डप्टी सीएम पद से हटा दिया गया। इसके अलावा उनके खेमे के दो मंत्रियों को भी पद से हटा दिया गया। उनकी जगह राज्य के शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासारा को नया अध्यक्ष बनाया गया है।

जल्द कैबिनेट का विस्तार करेंगे गहलोत

उधर, गहलोत इस पूरे संकट में और बड़े नेता उतर कर निकले हैं, पार्टी में भी उनकी पकड़ और मजबूत हुई है। अशोक गहलोत ने कैबिनेट विस्तार का भी ऐलान कर दिया। पायलट और उनके समर्थकों के हटने के बाद कुल 8 मंत्रीपद हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि गहलोत कुछ नाराज विधायकों को मनाने के लिए मंत्रीपद दे सकते हैं। इससे उनकी सरकार में और स्थिरता भी आएगी। 

इंतजार में भाजपा

राजस्थान में जारी सियासी संकट पर भाजपा ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। भाजपा के नेता ओम माथुर ने कहा, अगर सचिन पायलट भाजपा में आना चाहते हैं तो उनके लिए सभी दरवाजे खुले हैं। माथुर ने कहा, अगर कोई भाजपा में आकर हमारी विचारधारा को स्वीकार करता है तो हम उसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा, भाजपा इतनी बड़ी पार्टी इसलिए बनी है, क्यो इसमें लोग शामिल होत चले गए और भाजपा की विचारधारा से जुड़े। 

कौन होगा मुख्यमंत्री?

सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर माथुर ने कहा, कौन मुख्यमंत्री होगा या नहीं, यह फैसला पार्लियामेंट्री बोर्ड करता है। लेकिन यह कांग्रेस का अंदरूनी झगड़ा है, अशोक गहलोत ने सचिन पायलट और विधायकों के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया। 

पायलट गहलोत में क्या है मनमुटाव की वजह?

सीएम अशोक गहलोत ने राज्य में सरकार गिराने की साजिशों का खुलासा करने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप ने पूछताछ के लिए सचिन पायलट को भी नोटिस जारी किया है। इसी बात से पायलट और उनके विधायक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार ने सभी हदें पार कर दीं। सचिन पायलट अभी 24 विधायकों के साथ दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट में पायलट के साथ 15 विधायक होने की भी बात कही जा रही है। पायलट ने राज्य के किसी भी नेता का फोन नहीं उठाया।

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