नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार शाम मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने यस बैंक संकट को लेकर सरकार और आबीआई के प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 18 मार्च को यस बैंक पर लगीं सभी पाबंदियां हट जाएंगी। यस बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।

दास ने बताया, 26 मार्च को नया बोर्ड कामकाज संभालेगा। लोगों का पैसा सुरक्षित है। दास ने भरोसा जताया कि यस बैंक फिर से जोरदार वापसी करेगा। उन्होंने कहा, ग्राहकों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं। देश का बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित और मजबूत हाथों में है। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों का भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। 

'चीन की तुलना में भारत के व्यापार पर कोरोना का असर कम'
दास ने कोरोना को लेकर कहा, भारत भी इस महामारी से मुक्त नहीं है। इसके 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। यह तय है कि कोरोना से भारत सीधे प्रभावित होगा। हालांकि, चीन की तुलना में यह प्रभाव काफी कम है।

उन्होंने कहा, कोरोना अपने दूसरे दौर में भारत की आर्थिक विकास में मंदी ला सकता है। यह निश्चित तौर पर वैश्विक विकास में होने वाली मंदी के चलते ही होगा। इससे कुछ हद तक भारत की विकास गति भी प्रभावित होगी। 

यस बैंक ने भी ट्वीट कर दी जानकारी
बैंक ने ट्वीट कर जानकारी दी कि बुधवार 18 मार्च 2020 को 6 बजे से सभी बैंकिग सेवाओं को फिर से शुरू किया जाएगा। लोग सभी डिजिटल सेवाओं और प्लेटफार्मों का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। ट्वीट में लिखा गया, बैंक के सभी 1132 ब्रांचों में से किसी भी ब्रांच पर निराश नहीं होंगे और अन्य प्लैटफॉर्म्स पर भी कोई दिक्कत नहीं होगी। वित्त मंत्रालय पहले ही बता चुका है कि बैंक पर लगा 3 अप्रैल तक का मोराटोरियम 18 मार्च को ही हटा लिया जाएगा।

5 मार्च को आरबीआई ने लगाए थे प्रतिबंध
आरबीआई ने 5 मार्च को यस बैंक को अपनी देखरेख में ले लिया था। बैंक ने कुछ कंपनियों को बड़ा लोन दिया था, लेकिन लोन के पैसे वापस नहीं मिले। यस बैंक खुद को बचाने के लिए 2 बिलियन जुटाने में असफल रहा था। तब आरबीआई ने बैंक से निकासी की सीमा 50,000 रुपए कर दी थी। आरबीआई और सरकार ने 6 मार्च को यस बैंक के लिए एक पुनर्निर्माण योजना की घोषणा की। इस योजना में एसबीआई ने यस बैंक में में निवेश करने की बात कही।

आईसीआईसीआई बैंक की ओर से यस बैंक में 1000 करोड़ रुपए निवेश करने का एलान किया गया है। अभी तक सभी प्राइवेट बैंकों की ओर से यस बैंक में 3,950 करोड़ रुपए का निवेश किया जा चुका है।