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बड़ी राहत: RBI ने रेपो रेट 4.40 से घटाकर 4% किया; लोन की ईएमआई में छूट 3 महीने तक जारी रहेगी

कोरोना के चलते आए आर्थिक संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में 20 करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। इस विशेष पैकेज के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ बड़े ऐलान किए। उन्होंने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट घटाने का ऐलान किया।

Reserve Bank of India (RBI) Governor Shaktikanta Das briefing 22 may news and update kpp
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New Delhi, First Published May 22, 2020, 9:44 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना के चलते आए आर्थिक संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में 20 करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। इस विशेष पैकेज के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ बड़े ऐलान किए। उन्होंने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट घटाने का ऐलान किया।

गवर्नर शक्तिकांत दास के ऐलान की बड़ी बातें

- आरबीआई ने रेपो रेट में 40 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। रेपो रेट 4.4% से घटकर 4% हो गई हैं। वहीं, रिवर्स रेपो रेट 3.35% हो गई है। इससे लोन सस्ता होगा। ईएमआई भी कम होगी।
- शक्तिकांत दास ने कहा, देश में महंगाई के काबू में रहने की उम्मीद है। पेट्रोलियम, बिजली उत्पादों की खपत में कमी दर्ज की गई है। दालों में महंगाई चिंता का विषय है।
-  गवर्नर ने कहा, कोरोना की स्थिति पर भारत की अर्थव्यवस्था निर्भर करेगी। पहली तिमाही में विकास दर में गिरावट का अनुमान। जीडीपी ग्रोथ भी निगेटिव जाने की आशंका। हालांकि, सेकंड हाफ में कुछ उछाल आएगा। 
- उन्होंने कहा, मार्च में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन में 17 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। मैन्युफैक्चरिंग में 21 फीसदी की गिरावट। कोर इंडस्ट्रीज के आउटपुट में 6.5 फीसदी की कमी आई है। 
- गवर्नर के मुताबिक, 2020-21 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी 487 बिलियन डॉलर का है। 

लोन मोरोटोरियम में तीन महीने की छूट
आरबीआई ने 17 मार्च को लोन मोरोटोरियम में तीन महीने की छूट का ऐलान किया था। इसके तहत सभी बैंकों के लोन के ईएमआई के भुगतान में 3 महीने की छूट दी गई थी। अब इसे 3 महीने और यानी अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। ईएमआई सैलरी की 30% तक होती है, ऐसे में इस फैसले के बाद लोगों की काफी राहत मिलेगी और कैश फ्लो भी बढ़ेगा। 

क्या है रिवर्स रेपो रेट?
बैंक दिनभर के कामकाज के बाद रकम बचाकर भारतीय रिजर्व बैंक में रखती है। इस रकम पर आरबीआई बैंकों को ब्याज देता है। रिजर्व बैंक जिस दर से बैंकों को ब्याज देता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहा जाता है।

कोरोना संकट से निपटने के लिए किए थे ये ऐलान
इससे पहले कोरोना संकट से निपटने के लिए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 27 मार्च को राहत पैकेज का ऐलान किया था। इनमें ये बड़े ऐलान किए गए थे।

- RBI ने रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी। यह 5.15 से घटाकर 4.45 की गई। वहीं, रिवर्स रेपो रेट में भी 90 बेसिस पॉइंट की कटौती करते हुए 4 प्रतिशत कर दी है। इससे लोगों की EMI कम होगी। उन्होंने बैंक को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि लोगों के पास कैश की कमी ना हो।
- कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में 100 बेसिस पॉइंट की कटौती करके 3 प्रतिशत कर दिया गया था। यह एक साल तक की अवधि के लिए किया गया है। बैंकों के पास ज्यादा नकदी रहेगी।
- सभी बैंकों के लोन के ईएमआई के भुगतान में 3 महीने की छूट मिलेगी। ईएमआई सैलरी की 30% तक होगी है, ऐसे में इस फैसले के बाद लोगों की काफी राहत मिलेगी और कैश फ्लो भी बढ़ेगा।
- आरबीआई ने जो कदम उठाए हैं, उससे 3.74 लाख करोड़ रुपए की नकदी बढ़ेगी।

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