Asianet News Hindi

हिरासत में अखिलेश यादव, सपा ने कहा- अन्नदाता से अन्याय के खिलाफ अंतिम सांस तक संघर्षरत रहेंगे

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के समर्थन में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी आ गए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, जहां तक जाती नजर वहां तक लोग तेरे खिलाफ हैं। ऐ ज़ुल्मी हाकिम तू किस-किस को नजरबंद करेगा। ट्वीट के कुछ देर बाद वे लखनऊ से किसान यात्रा की शुरुआत कर रहे थे, लेकिन उ्न्हें घर के पास ही रोक दिया गया। बता दें कि भारत बंद का 13 दलों का समर्थन है सपा उसमें से एक है।

Samajwadi Party and leader Akhilesh Yadav also came in support of the farmer protest kpn
Author
New Delhi, First Published Dec 7, 2020, 1:04 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के समर्थन में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी आ गए हैं। वे कन्नौज पहुंच यात्रा निकालना चाह रहे थे, लेकिन लखनऊ में ही उन्हें धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया गया है। कुछ देर पहले उन्होंने ट्वीट किया, जहां तक जाती नजर वहां तक लोग तेरे खिलाफ हैं। ऐ ज़ुल्मी हाकिम तू किस-किस को नजरबंद करेगा। ट्वीट के कुछ देर बाद वे लखनऊ से किसान यात्रा की शुरुआत कर रहे थे, लेकिन उ्न्हें घर के पास ही रोक दिया गया। बता दें कि भारत बंद का 13 दलों का समर्थन है सपा उसमें से एक है।

गिरफ्तारी के बाद सपा का ट्वीट

 

अखिलेश यादव ने कहा, गाड़ियां जब्त कर लीं
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है। तमाम विरोध के बाद अखिलेश यादव पैदल ही कन्नौज के लिए रवाना हो गए। इस दौरान वे सड़क के बीचोबीच धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा, उनके कार्यकर्ता प्रदेश के जिलों में गिरफ्तारियां दे रहे हैं, लेकिन हमें अब कन्नौज नहीं जाने दिया जा रहा है। 

 

हमें भी जेल में डाल दीजिए: अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं को जेल में डाला जा रहा है, हमें भी जेल में डाल सकते हैं। उन्होंने कहा, जहां तक हो सकेगा मैं पैदल ही चल दूंगा। 

सपा के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, समाजवादियों को गिरफ्तार कर उन्हें किसानों का साथ देने से नहीं रोक पाएगी दंभी सरकार ! समाजवादी पार्टी के सभी कार्यकर्ता, नेता अपने अपने गृह जनपदों में किसान यात्रा को जारी रखें।

3 कानून कौन से हैं, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं

1- किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020  (The Farmers Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Bill 2020)

अभी क्या व्यवस्था- किसानों के पास फसल बेचने के ज्यादा विकल्प नहीं है। किसानों को एपीएमसी यानी कृषि उपज विपणन समितियों  में फसल बेचनी होती है। इसके लिए जरूरी है कि फसल रजिस्टर्ड लाइसेंसी या राज्य सरकार को ही फसल बेच सकते हैं। दूसरे राज्यों में या ई-ट्रेडिंग में फसल नहीं बेच सकते हैं।

नए कानून से क्या फायदा- 
1- नए कानून में किसानों को फसल बेचने में सहूलियत मिलेगी। वह कहीं पर भी अपना अनाज बेच सकेंगे। 
2- राज्यों के एपीएमसी के दायरे से बाहर भी अनाज बेच सकेंगे। 
3- इलेक्ट्रॉनिग ट्रेडिंग से भी फसल बेच सकेंगे। 
4- किसानों की मार्केटिंग लागत बचेगी। 
5- जिन राज्यों में अच्छी कीमत मिल रही है वहां भी किसाने फसल बेच सकते हैं।
6- जिन राज्यों में अनाज की कमी है वहां भी किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिल जाएगी।

2- किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 (The Farmers (Empowerment and Protection) Agreement of Price Assurance and Farm Services Bill 2020)

अभी क्या व्यवस्था है- यह कानून किसानों की कमाई पर केंद्रित है। अभी किसानों की कमाई मानसून और बाजार पर निर्भर है। इसमें रिस्क बहुत ज्यादा है। उन्हें मेहनत के हिसाब से रिटर्न नहीं मिलता। 

नए कानून से क्या फायदा- 
1- नए कानून में किसान एग्री बिजनेस करने वाली कंपनियों, प्रोसेसर्स, होलसेलर्स, एक्सपोर्टर्स और बड़े रिटेलर्स से एग्रीमेंट कर आपस में तय कीमत में फसल बेच सकेंगे। 
2- किसानों की मार्केटिंग की लागत बचेगी। 
3- दलाल खत्म हो जाएंगे।
4- किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलेगा।
5- लिखित एग्रीमेंट में सप्लाई, ग्रेड, कीमत से संबंधित नियम और शर्तें होंगी। 
6- अगर फसल की कीमत कम होती है, तो भी एग्रीमेंट के तहत किसानों को गारंटेड कीमत मिलेगी। 

3- आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 (The Essential Commodities (Amendment) Bill 

अभी क्या व्यवस्था है- अभी कोल्ड स्टोरेज, गोदामों और प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट में निवेश कम होने से किसानों को लाभ नहीं मिल पाता। अच्छी फसल होने पर किसानों को नुकसान ही होता है। फसल जल्दी सड़ने लगती है।

नए कानून से क्या फायदा-  
1- नई व्यवस्था में कोल्ड स्टोरेज और फूड सप्लाई से मदद मिलेगी जो कीमतों की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। 
2- स्टॉक लिमिट तभी लागू होगी, जब सब्जियों की कीमतें दोगुनी हो जाएंगी।  
3- अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाया गया है। 
4- युद्ध, प्राकृतिक आपदा, कीमतों में असाधारण वृद्धि और अन्य परिस्थितियों में केंद्र सरकार नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगी।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios