नई दिल्ली. राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और वीएचपी के उपाध्यक्ष चंपत राय ने बताया कि निमंत्रण पत्र में एक सिक्योरिटी कोड है। यह केवल एक बार ही काम करेगा। इसे लेकर कोई अंदर आया और फिर किसी काम से बाहर आया तो दोबारा यह सिक्योरिटी कोड काम नहीं करेगा। 

शिवसेना ने दिया एक करोड़ रुपया
चंपत राय ने कहा, महाराष्ट्र की तरफ से एक करोड़ रुपया आया है। साथ में जो स्लिप थी, उसमें शिवसेना लिखा था। 

"जिन्हें आमंत्रण, सिर्फ वही आएगा"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा, हम अपील करते हैं कि 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमिपूजन शिलान्यास कार्यक्रम में अयोध्या धाम में केवल आमंत्रित लोग ही पधारेंगे। बाकी लोग अपने घरों से लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी बनेंगे। 

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योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा, राम मंदिर का निर्माण कार्य आजादी के तुरंत बाद सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के साथ शुरू हो सकता था। परन्तु जब लोगों के लिए देश से महत्वपूर्ण सत्ता हो जाती है तो वे जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हैं।

नकारात्मक टिप्पणी न करें: योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा, इस ऐतिहासिक क्षण पर नकारात्मक टिप्पणी न करें। हर व्यक्ति के इतिहास के बारे में और कृत्यों के बारे में देश और दुनिया जानती है। किसी को कुछ बोलने की आवश्यकता नहीं है।

"कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो होगा"
सीएम ने कहा, बाहर व्यवस्था आदि देखने, निरीक्षण करने के लिए हम यहां आए हैं, कहीं भी कोई कोताही न बरती जाए, हम लोगों ने इसके लिए पूरी तत्परता के साथ तैयारी की है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल को मजबूती से लागू करने पर प्रशासन का मुख्य फोकस है।

दुनिया के लिए भी ऐतिहासिक क्षण : योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा, अयोध्या के साथ-साथ देश और दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा जब प्रधानमंत्री मोदी जी अयोध्या में लगभग 500 वर्षों की इस परीक्षा के परिणाम के साथ भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। 

"पौन दो सौ निमंत्रण भेजा गया"
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने कहा, महात्मा संतों को मिलाकर लगभग पौने दो सौ लोगों को निमंत्रण भेजा गया है। हमने इकबाल अंसारी और फैजाबाद निवासी जिनको पद्म श्री मिला है मोहम्मद शरीफ (लावारिस शवों का उनके धर्मानुसार अंतिम संस्कार करते हैं) उनको भी निमंत्रण भेजा है। हमने इस आयोजन में भारत के लगभग 36 आध्यात्मिक परंपराओं के 135 संतों को निमंत्रण भेजा है।