महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भले ही सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया हो, लेकिन अभी राज्य में गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। 

मुंबई. महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भले ही सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया हो, लेकिन अभी राज्य में गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच शिवसेना ने एक बार फिर सरकार बनाने की बात कही है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अगर कोई सरकार बनाने को तैयार नहीं है तो शिवसेना ये जिम्मेदारी उठा सकती है।

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शिवसेना कांग्रेस के प्रति भी नरम दिखी। राउत ने कहा कि कांग्रेस राज्य की दुश्मन नहीं है। सभी पार्टियों के कुछ मुद्दों पर मतभेद होते हैं। 

एनसीपी ने शिवसेना को समर्थन देने के संकेत दिए
उधर, शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी शिवेसना को समर्थन देने का संकेत दिया है। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि अगर शिवसेना भाजपा के खिलाफ सदन में वोट करेगी तो उसे समर्थन देने के बारे में सोच सकते हैं। 

कांग्रेस भी बाहर से दे सकती है समर्थन
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि सभी विपक्षी पार्टियां भाजपा के खिलाफ लामबंद हो सकती हैं। इसी के मद्देनजर एनसीपी शिवसेना को समर्थन दे सकती है। वहीं, कांग्रेस गठबंधन में बाहर से अपनी भूमिका निभा सकती है। हालांकि, शरद पवार लगातार ये कहते आए हैं कि शिवसेना और भाजपा को मिलकर सरकार बनानी चाहिए। जनता ने एनसीपी को विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है।