भोपाल. मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चा आखिरी दौर में पहुच गई है। मंत्रियों के नामों को लेकर भाजपा के भोपाल दफ्तर में बैठकों का दौर भी जारी है। माना जा रहा है कि राज्यस्तर पर सहमति बनने के बाद दिल्ली हाईकमान से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।   

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुहास भगत भाजपा दफ्तर पहुंचे। यहां नामों को लेकर चर्चा भी हुई। 

अभी मंत्रिमंडल में सिर्फ 5 मंत्री शामिल
कांग्रेस में कलह और इस्तीफों के दौर के बाद शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने चौथी बार राज्य की सत्ता संभाली। हालांकि, कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते 29 दिन बाद शिवराज सरकार का पहला मंत्रिमंडल का गठन हुआ था। लेकिन इसमें सिर्फ 5 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इसमें से दो ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोटे के हैं। 

22-24 मंत्री हो सकते हैं शामिल
माना जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल में 22-24 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। इस विस्तार में कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए सिंधिया समर्थक मंत्रियों को जगह मिल सकती है। इसके अलावा भाजपा के गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, संजय पाठक, अरविंद भदौरिया को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। 

मध्यप्रदेश में 35 मंत्री बन सकते हैं
230 सीटों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में 15 फीसदी यानी 35 सदस्य मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं। अभी शिवराज सिंह समेत 6 कैबिनेट सदस्य हैं। 28 विधायकों को और मंत्री बनाया जा सकता है।