सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को प्रदूषण और परिवहन में इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्रदूषण के लिए पटाखे और पराली को जलाना मौसमी समस्याएं हैं लेकिन मोटर वाहनों से निकलने वाला धुंआ एक बड़ा कारण है।

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को प्रदूषण और परिवहन में इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्रदूषण के लिए पटाखे और पराली को जलाना मौसमी समस्याएं हैं लेकिन मोटर वाहनों से निकलने वाला धुंआ एक बड़ा कारण है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण से निपटने के लिए और इलेक्ट्रिक तकनीक की जानकारी के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को अदालत में बुलाया है। 

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चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने कहा, केंद्रीय परिवहन मंत्री पर इसे लेकर अच्छी योजनाएं हैं। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वे कोर्ट में आएं और हमें सुझाव दें। इस पर केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल ने विरोध जताया तो कोर्ट ने कहा, यह समन नहीं है, बल्कि इसे निमंत्रण समझें। अगर वे आ सकतें हैं तो 

केंद्र की नीति जानने के लिए कोर्ट ने गडकरी को बुलाया 
चीफ जस्टिस वायुप्रदूषण से निपटने के लिए सार्वजनिक परिवहन और सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने संबंधी केंद्र की नीति के बारे में जानकारी मांगने के लिए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा करना चाहते हैं।