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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट निर्माण को सुप्रीम कोर्ट ने दी सशर्त मंजूरी, साफ हुआ नए संसद भवन निर्माण का रास्ता

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संसद भवन के बनने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना हरी झंडी दिखाई दी है और चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। उच्चतम न्यायालय केन्द्र की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया और कहा कि निर्माण कार्य शुरू करने के लिए हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की मंजूरी आवश्यक है। 

Supreme Court to give verdict today in the petitions related to the Central Vista project kpl
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New Delhi, First Published Jan 5, 2021, 8:29 AM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संसद भवन के बनने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना हरी झंडी दिखाई दी है और चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। उच्चतम न्यायालय केन्द्र की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया और कहा कि निर्माण कार्य शुरू करने के लिए हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की मंजूरी आवश्यक है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि समिति से अप्रूवल प्राप्त करने के बाद ही काम शुरू करें। बता दें कि इस परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी दिये जाने और इसके लिए भूमि उपयोग में बदलाव सहित अनेक बिन्दुओं पर सवाल उठाये गये थे। इसी परियोजना के तहत नए संसद भवन का निर्माण होना है। यह फैसला अदालत ने पिछले साल पांच नवंबर को ही सुरक्षित रख लिया था। 

सेंट्रल विस्टा परियोजना का ऐलान सितंबर, 2019 में हुआ था। इसमें संसद की नई त्रिकोणीय इमारत होगी जिसमें एक साथ लोकसभा और राज्यसभा के 900 से 1200 सांसद बैठ सकेंगे। इसका निर्माण 75वें स्वतंत्रता दिवस पर अगस्त, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि, केंद्रीय सचिवालय का निर्माण 2024 तक पूरा करने की तैयारी है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ इन याचिकाओं पर फैसला सुनाया। इस पीठ ने पिछले साल पांच नवंबर को इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, इसी दौरान, न्यायालय ने सात दिसंबर को केन्द्र सरकार को सेंट्रल विस्टा परियोजना के आयोजन की अनुमति दे दी थी। 

क्या है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट?
राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा। सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान के मुताबिक पुराने गोलाकार संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा। यह 13 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस जमीन पर अभी पार्क, अस्थायी निर्माण और पार्किंग है। नए संसद भवन में दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा। पूरा प्रोजेक्ट 20 हजार करोड़ रुपए का है।

10 दिसंबर को पीएम मोदी ने किया था भूमिपूजन 
पिछले साल सात दिसंबर को केंद्र सरकार के अनुरोध पर कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की भूमि पूजन की अनुमति दे दी थी। केंद्र सरकार ने इसके लिए कोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह लंबित याचिकाओं पर फैसला आने तक कोई भी कंस्ट्रक्शन, तोड़फोड़ या पेड़ काटने का काम नहीं करेगा। इसके बाद 10 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी।

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