प बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब तक हिंसा में 14 भाजपा कार्यकर्ताओं समेत 17 लोगों की मौत हुई है। अब हिंसा को लेकर गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय ने ममता सरकार से कहा कि वह बिना देर किए हिंसा रोकने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाए। 

नई दिल्ली. प बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब तक हिंसा में 14 भाजपा कार्यकर्ताओं समेत 17 लोगों की मौत हुई है। अब हिंसा को लेकर गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय ने ममता सरकार से कहा कि वह बिना देर किए हिंसा रोकने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाए। 

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केंद्रीय गृह सचिव ने बंगाल के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि वे बंगाल हिंसा पर तत्काल रिपोर्ट सौंपें। इतना ही नहीं गृह मंत्रालय की ओर से पूछा गया है कि बंगाल में हिंसा जारी है, इसे रोकने के लिए उचित कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। 

हिंसा पर नहीं भेजी गई रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने 3 मई को राज्य सरकार से राजनीतिक हिंसा पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन बंगाल सरकार द्वारा हिंसा के 48 घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। 

हिंसा को लेकर भाजपा ने टीएमसी को ठहराया जिम्मेदार
भाजपा ने बंगाल में फैली हिंसा को लेकर टीएमसी और ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा का दावा है कि हिंसा और उत्पीड़न के चलते पार्टी के तमाम कार्यकर्ता असम बॉर्डर तक पहुंच गए हैं। 

उधर, हिंसा के विरोध में भाजपा ने देश भर में बुधवार को धरना दिया। हिंसा को लेकर दो दिन के बंगाल दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जेपी नड्डा ने कहा, जिस तरह से नरसंहार हुआ, हत्याएं हुई और पूरे 36 घंटे ममता बनर्जी चुप रही। यह उनकी भागीदारी को बताता है। उनके (ममता बनर्जी) तीसरे कार्यकाल की शुरूआत उनके हाथ में लगे हुए खून के साथ हुई है।