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मुसलमानों को भड़काने वाले तमिल स्कॉलर गिरफ्तार, दिया था, मोदी और शाह को खत्म करने का सुझाव

नागरिकता कानून के विरोध में तमिल के स्कॉलर नेल्लई कन्नन ने मुसलमानों को भड़काने, पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह को खत्म करने की बात कही थी। जिसके बाद बीजेपी नेता ने कन्नन के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बीजेपी के नेता कन्नन की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कन्नन के खिलाफ 3 धाराओं में केस रजिस्टर किया है। 

Tamil scholar Kannan was arrested kps
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Chennai, First Published Jan 2, 2020, 8:57 AM IST
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चेन्नई. नागरिकता कानून के खिलाफ विरोधों का दौर जारी है। लोग अलग-अलग तरीके से इस कानून का विरोध कर रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर विवादित बयान देने वाले तमिल स्कॉलर नेल्लई कन्नन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें पेरांबलूर से गिरफ्तार किया गया है। कन्नन की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी जमकर प्रदर्शन कर रही थी।

भारतीय जनता पार्टी के नेता एच राजा ने नेल्लई कन्नन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। बीजेपी का दावा है कि नेल्लई कन्नन मुसलमानों को भड़काने और पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की हत्या का सुझाव दे रहे थे।

यह कहा था कन्नन ने 

नेल्लई कन्नन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पीछे अमित शाह का दिमाग है। अगर अमित शाह नहीं होते तो मोदी यहां नहीं होते। अगर अमित शाह की कहानी खत्म हो जाएगी, तो पीएम मोदी की कहानी भी खत्म हो जाएगी। नेल्लई कन्नन ने आगे कहा था कि मुझे उम्मीद थी कि कुछ होगा, लेकिन कोई भी मुस्लिम कुछ कर नहीं रहा। 

बीजेपी ने दी थी यह धमकी
 
नेल्लई कन्नन के बयान के खिलाफ बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने चेन्नई के मरीना बीच पर गांधी की प्रतिमा के पास बैठकर तमिल स्कॉलर की गिरफ्तारी तक धरना देने की धमकी दी थी। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले बीजेपी के चार वरिष्ठ नेता पोन राधाकृष्णन, सीपी राधाकृष्णन, एल गणेशन और एच राजा भी शामिल थे। नेल्लई कन्नन के खिलाफ 15 से अधिक मामले दर्ज किए गए और पुलिस ने भी आईपीसी की तीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है

क्या है नागरिकता कानून

सीएए लागू होने के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से आए मुस्लिमों को छोड़कर हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई शरणार्थियों के लिए भारत की नागरिकता पाना सरल हो गया है। लेकिन किसी और देश के हिंदुओं के लिए भी भारत की नागरिकता पाना आसान नहीं हुआ है।

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