वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को सम्मानित किया गया। विंग कमांडर अभिनंदन को पूरा देश जानता है, लेकिन कम ही लोग स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी को जानते हैं। अभिनंदन विमान उड़ा रहे थे, लेकिन कंट्रोल रूम में बैठीं मिंटी अग्रवाल उन्हें पूरी तरह से गाइड कर रहीं थी। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने जब भारत पर बदले की नीयत से हमले की कोशिश की। 

नई दिल्ली. आज भारतीय वायुसेना अपना 87वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर भारतीय वायु सेना की स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल को गाजियाबाद में उनके कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अभिजीत नेने के साथ उनके 601 सिग्नल यूनिट के बाद भारतीय वायु सेना के प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने उन्हें सम्मानित किया। भदौरिया ने मिंटी को 27 फरवरी को बालाकोट में हुए एयर स्ट्राइक में यूनिट की भूमिका के लिए यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।

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जाने कौन है स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल 
वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को सम्मानित किया गया। विंग कमांडर अभिनंदन को पूरा देश जानता है, लेकिन कम ही लोग स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी को जानते हैं। अभिनंदन विमान उड़ा रहे थे, लेकिन कंट्रोल रूम में बैठीं मिंटी अग्रवाल उन्हें पूरी तरह से गाइड कर रहीं थी। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने जब भारत पर बदले की नीयत से हमले की कोशिश की। तो उसे एयरफोर्स ने बड़ी अच्छी तरह से नाकाम कर दिया था। इस पूरे घटनाक्रम को सफल बनाने में महिला स्क्वॉड्रन लीडर का भी उतना ही योगदान था।

इस तरह संभाला था पूरा मिशन
पाकिस्तान की तरफ से हमले को देखते हुए स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी ने बिना वक्त गंवाए 27 फरवरी को कंट्रोल रूम से दो सुखोई और 2 मिराज को अलर्ट कर दिया। उन्होंने जब देखा कि पाकिस्तान की तरफ से और विमान भी आ रहे हैं तब उन्होंने ही 6 मिग्स को सबसे पास के एयरबेस (श्रीनगर) से उड़ान भरने को कहा। तभी अचानक मिग प्लेन्स के आने से पाकिस्तानी पायलट्स चौंक गए थे। इस पूरे ऑपरेशन में भी स्क्वॉड्रन लीडर का अहम रोल था। महिला स्क्वॉड्रन लीडर ने ही पायलट्स को बताया था कि पाकिस्तान ने एफ-16 से हमला किया है जिसपर मीडियम रेंज की AIM-120C अडवांस मिसाइल लगी हैं।

मिंटी ने संभाला था तनावपूर्ण माहौल
जब पाक की तरफ से 27 फरवरी को हमला किया गया, तो फाइटर कंट्रोलर की भूमिका में मिंटी ने उस तनावपूर्ण माहौल को काफी अच्छे से संभाला। वह लगातार भारतीय फाइटर पायलट्स को पाकिस्तानी जेट्स की जानकारी देती रहीं। उस वक्त सुरक्षा कारणों से स्क्वॉड्रन लीडर का नाम जाहिर नहीं किया गया था, लेकिन अब उनकी बहादुरी के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।