नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को हरियाणा के कैथल और भिवानी में रैलियां कीं। शाह ने राफेल के शस्त्र पूजन पर कांग्रेस के नेताओं द्वारा सवाल उठाने को लेकर भी निशाना साधा। शाह ने कहा कि खड़गे साहब ने कहा कि राफेल की शस्त्र पूजा का तमाशा करने की क्या जरुरत थी? इसमें इनका दोष नहीं है इनको इटली की संस्कृति की ज्यादा जानकारी है, भारत की संस्कृति की नहीं।

शाह ने पूछा कि आप बताओ विजयादशमी के दिन दुश्मन पर विजय प्राप्त करने के लिए शस्त्र पूजा करनी चाहिए या नहीं? 

राहुल के विदेश दौरे पर भी कसा तंज
शाह ने कहा- कांग्रेस पार्टी 370 हटाने का विरोध कर रही है, मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि अभी तो आप छुट्टी मनाने विदेश गए हैं। लेकिन जब आप हरियाणा आएं तो यहां की जनता को बताएं की आप 370 को हटाने के पक्ष में हैं या नहीं। 

शाह ने मनमोहन सिंह को बताया मौनी बाबा
शाह ने कैथल में कहा कि पुलवामा हमले के वक्त ये मौनी बाबा मनमोहन सिंह की सरकार नहीं थी। ये नरेंद्र मोदी की सरकार थी। हमारे जवानों ने बालाकोट के अंदर, पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकियों को मारकर जवानों के बलिदान का बदला लिया। एक भी जवान मारा नहीं गया। जब हमारे जवान लौट कर आए तो पूरी दुनिया ने उनका पराक्रम देखा। 

'परिवारवादी पार्टियों ने देश के लोकतंत्र में दीमक लगाया'
अमित शाह ने कहा, कांग्रेस और अन्य परिवारवादी पार्टियों ने देश के लोकतंत्र को झकझोर कर इसमें दीमक लगाने का काम किया है। उन्होंने पूछा कि जो बड़ा नेता है, केवल उसी के परिवारज वालों को मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक बनने का अधिकार है क्या? कांग्रेस में गांधी परिवार के अलावा कोई और अध्यक्ष बन सकता है क्या?