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पीयूष गोयल बोले- अगर किसान नक्सल ताकतों से मुक्त हो जाएं, तो उन्हें समझ आ जाएगा ये बिल उनके हित में है

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक बार फिर किसान आंदोलन का नक्सली कनेक्शन बताया। उन्होंने कहा, भारत सरकार के द्वार 24 घंटे किसानों के लिए खुले हैं। 

Union Min Piyush Goyal says Centre is ready 24 hrs a day to hold discussions with the farmers KPP
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New Delhi, First Published Dec 12, 2020, 8:58 PM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक बार फिर किसान आंदोलन का नक्सली कनेक्शन बताया। उन्होंने कहा, भारत सरकार के द्वार 24 घंटे किसानों के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि अगर ये किसान आंदोलन माओवादी और नक्सल ताकतों से मुक्त हो जाए, तो हमारे किसान भाई-बहन जरूर समझेंगे कि किसान के ये बिल उनके और देशहित के लिए हैं। 

पीयूष गोयल ने कहा, सबका विश्वास रहता है कि हमारे लीडर हमारा ध्यान रखेंगे पर शायद यहां ऐसे लीडर हैं ही नहीं। ऐसा डर का माहौल इन नक्सल लोगों ने बना दिया है कि जो किसान नेता असल मुद्दों की बात करना भी चाहते हैं तो किसी में हिम्मत ही नहीं बन पा रही है क्योंकि ये डरा देते हैं। 

नहीं हुआ भारत बंद
रेल मंत्री ने कहा, मैं समझता हूं कि विपक्ष के 18 दलों ने मिलकर कोशिश कर ली पर भारत नहीं बंद हुआ। भारत चलेगा, भारत और तेज़ चलेगा, दौड़ेगा। ये विश्वास आज देश में है। उन्होंने कहा, देशभर में किसान खुश हैं उन्हें दिख रहा है कि नया निवेश आएगा, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे। इन सब अवसरों से माओवादी ताकतें किसानों को वंचित रखना चाहती हैं। 

गोयल ने कहा, मैं सभी राजनीतिक पार्टियों से डिमांड करता हूं कि उन्हें किसानों को भ्रमित कर उनके कंधों पर एक आंदोलन के रास्ते को प्रोपागेट करने की बजाय इन माओवादी-नक्सल ताकतों से देश को भली भांति अवगत करवाना चाहिए। 

हरियाणा के किसानों ने की कृषि मंत्री से मुलाकात
उधर, हरियाणा के किसान नेताओं ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। तोमर ने बताया, हरियाणा के किसानों ने मुलाकात की और तीन कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए उनके हस्ताक्षर के साथ एक ज्ञापन भी दिया। 

भूख हड़ताल पर किसान नेता
किसान आंदोलन और तेज होता जा रहा है। शनिवार को किसान नेता कमल प्रीत सिंह ने कहा कि रविवार को राजस्थान के हजारों किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। इस दौरान वे दिल्ली-जयपुर हाईवे को ब्लॉक करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमारे आंदोलन खत्म करने के लिए कई हथकंडे अपनाए, लेकिन हमने सब फेल कर दिया।

तीनों कानून वापस लिए जाएं
उधर, किसान अपनी मांग पर अड़े हैं। किसानों ने कहा, तीनों कानूनों को वापस लिया जाए। हम किसी भी तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं हैं। किसान नेता कमल प्रीत ने कहा कि सरकार ने हमें बांटने की भरपूर कोशिश की। जीत मिलने तक हम लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। वहीं, राजस्थान के किसान भी सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन करने के लिए जुटेंगे। 

14 दिसंबर को सिंघु बॉर्डर पर कई किसान नेता एक साथ मंच पर आएंगे और भूख हड़ताल करेंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह ने कहा, पंजाब से आने वाली कई ट्रॉलियों को सरकार ने रोक लिया है। अगर सरकार 19 दिसंबर से पहले हमारी मांगे नहीं मानती है तो हम गुरु तेग बहादुर के शहादत दिवस से भूख हड़ताल भी शुरू करेंगे।

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