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वैक्सीन विवाद पर बोले केंद्रीय मंत्री-समाजसेवा की जगह सरकार का समय कैप्टन और सिद्धू के 'मैच' पर लगा है

कोरोना वैक्सीन को प्राइवेट अस्पतालों को बेचने आरोपों में घिरी पंजाब सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बेशक सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने निजी अस्पतालों में वैक्सीन बेचने का फैसला वापस ले लिया हो, लेकिन इसे लेकर कांग्रेस की फजीहत हो रही है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने कहा है कि इस समय लोगों को उम्मीद थी कि सरकार समाजसेवा करेगी, लेकिन उसका तो पूरा ध्यान कैप्टन और सिद्धू के क्रिकेट मैच पर टिका हुआ है। उनका इशारा पंजाब कांग्रेस में मची कलह की ओर था।

Union Minister's statement on the controversy over the purchase of vaccine in Punjab kpa
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New Delhi, First Published Jun 5, 2021, 3:38 PM IST
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नई दिल्ली. सस्ती वैक्सीन खरीदकर प्राइवेट अस्पतालों को महंगे में बेचकर कमाई करने वाली पंजाब सरकार की खूब फजीहत हो रही है। हालांकि विवाद बढ़ता देखकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने निजी अस्पतालों को वैक्सीन बेचने का अपना फैसला वापस ले लिया है, लेकिन इस मामले से वो बच नहीं पा रही है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने पंजाब सरकार का आड़े हाथ लिया है।

समाजसेवा की जगह कैप्टन और सिद्धू के मैच में समय दे रही सरकार
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बयान में कहा-ये बहुत दु:ख की बात है कि एक सरकार जिसको इस समय समाज सेवा करनी चाहिए और पंजाब में हमारे पीड़ित भाई-बहनों को दवाई पहुंचानी चाहिए, वो सारा समय कैप्टन साहब और सिद्धू साहब के क्रिकेट मैच में लगा रहे हैं।  उनका इशारा पंजाब कांग्रेस में मची कलह की ओर था। मुझे पंजाब के कुछ लोगों ने बताया कि मोहाली में मैक्स और फोर्टिस अस्पताल ने टीका 3,000 और 3,200 रुपये का बेचा। राज्यों को अपनी वैक्सीन की जो खरीद करनी थी, वो उस पर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। पंजाब सरकार ने कोविशील्ड की एक डोज़ 309 रुपये में खरीदी और उसे आगे निजी अस्पतालों को 1000 रुपये के दाम पर दे रहे हैं और निजी अस्पताल वैक्सीन को 1560 रुपये में बेच रहा है।

पंजाब सरकार मान चुकी है यह गलती
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को यह स्वीकार किया है कि कुछ प्राइवेट अस्पतालों ने राज्य सरकार से कोरोना वैक्सीन खरीदी है। हालांकि, उन्होंने कहा है कि अस्पतालों द्वारा महंगी वैक्सीन बेचने के इस मामले पर तभी कुछ कहेंगे, जब जांच पूरी हो जाएगी। शिरोमणि अकाली दल द्वारा लगाए गए आरोपों पर सिद्धू ने कहा, वैक्सीन पर उनका नियंत्रण नहीं है, वे सिर्फ कोरोना ट्रीटमेंट, जांच और वैक्सीनेशन कैंप के मामलों की देखरेख कर रहे हैं। 

वैक्सीन की दामों को लेकर होगी जांच
सिद्धू ने कहा, अस्पतालों द्वारा ज्यादा कीमत पर वैक्सीन बेंचे जाने के मामले राज्य सरकार जरूर जांच कराएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि किस कीमत पर वैक्सीन लगाई गई। 

पंजाब सरकार ने 1000 रुपए में बेची अस्पतालों को वैक्सीन- भाजपा
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस मामले में राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, राहुल गांधी को वैक्सीन को लेकर लैक्चर देने से पहले कांग्रेस शासित राज्यों को देखना चाहिए। पंजाब को 400 रुपए की दर से 1.4 लाख कोवैक्सिन दी गई, इसे राज्य सरकार ने 1000 की दर से 20 प्राइवेट अस्पतालों को बेच दिया। 

अकाली दल ने लगाए गंभीर आरोप
इससे पहले अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इस मामले में हाईकोर्ट की देखरेख में जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वैक्सीन पंजाब में उपलब्ध है, लेकिन इसे प्राइवेट अस्पतालों में बेचा जा रहा है। पंजाब सरकार को वैक्सीन 400 रुपए में मिल रही है, वे 1060 रुपए में इसे प्राइवेट अस्पतालों में बेच रहे हैं। अस्पताल इसे और अधिक दामों में जनता को लगा रहे हैं। उन्होंने मांग की थी कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री पर केस दर्ज होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा दावा किया था कि अकेले मोहाली में 35,000  वैक्सीन की डोज निजी संस्थानों को बेची गई और एक दिन में करीब 2 करोड़ रुपए का फायदा उठाया गया। 

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