राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जी20 के मेहमानों को भेजे गए डिनर इनविटेशन पर प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा होने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई। हालांकि, इन बहसों के बीच संयुक्त राष्ट्र संघ का बयान आया है।

जिनेवा: देश में भारत बनाम इंडिया को लेकर बहस छिड़ चुकी है। हालांकि, अधिकारिक तौर पर सरकार ने यह नहीं कहा है कि वह इंडिया की जगह पर भारत नाम देश का करने जा रही है। दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जी20 के मेहमानों को भेजे गए डिनर इनविटेशन पर प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा होने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई। हालांकि, इन बहसों के बीच संयुक्त राष्ट्र संघ का बयान आया है। यूएन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वैश्विक निकाय के पास नाम बदलने का जब रिक्वेस्ट प्राप्त होगा तब उसे देखा जाएगा।

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क्या कहा संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारी ने भारत नाम पर?

संयुक्त राष्ट्र संघ के एक सीनियर अधिकारी ने भारत बनाम इंडिया के विवाद को लेकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र देशों से उनके नाम बदलने के अनुरोधों पर विचार करता है जब उसे संबंधित देश की ओर से रिक्वेस्ट मिलता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि अभी बीते साल तुर्की के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी गई। तुर्की ने अपना नाम बदलकर तुर्किये करने का रिक्वेस्ट भेजा था। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत की ओर से अभी ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है। ऐसा रिक्वेस्ट आने पर देखा जाएगा।

भारत नाम करने के लिए क्या करना पड़ेगा संविधान में संशोधन?

पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य ने कहा कि इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा। अनुच्छेद 1 बदलना होगा और फिर अन्य सभी आर्टिकल्स में परिवर्तन करने होंगे। उन्होंने बताया कि जहां भी इंडिया (India) नाम का उपयोग किया जाता है, वहां नाम को परिवर्तित करना होगा। आप देश के लिए केवल एक ही नाम रख सकते हैं। दो नाम एक दूसरे की जगह नहीं ले सकते, इससे न केवल भारत में बल्कि बाहर भी बहुत भ्रम पैदा होगा। कैसे बदलता है देश का नाम? पढ़िए पूरी खबर…