नई दिल्ली. उन्नाव दुष्कर्म मामले में दिल्ली एम्स में बुधवार को अस्थाई कोर्ट बनाया गया। यहां के जेपी एपेक्स ट्रामा सेंटर में जज पीड़ित के बयान लेने पहुंचे। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को एम्स में जाकर पीड़िता के बयान दर्ज करने की अनुमति दी थी। 

इससे पहले आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भी एम्स लाया गया। यहां बनी कोर्ट में आरोपी के भी बयान लिए जाएंगे। सेंगर के साथ अन्य आरोपी शशि सिंह को भी कोर्ट में लाया गया। जिला जज धर्मेश शर्मा भी कोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को एम्स के ट्रामा सेंटर में अस्थाई कोर्ट बनने का आदेश दिया था। 

एक्सीडेंट के बाद से एम्स में भर्ती है पीड़िता
साल 2017 में उन्नाव के माखी गांव की रहने वाली एक युवती ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाइयों पर गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। जिस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। वहीं, 30 जुलाई को रायबरेली में हुए एक हादसे में उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता और उसका वकील बुरी तरह घायल हो गया था, जबकि पीड़िता की चाची व मौसी की मौत हो गई थी। चाची दुष्कर्म मामले की मुख्य गवाह थीं। पीड़िता को भी इलाज के लिए एम्स लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया है।

दिल्ली की अदालत ने सेंगर के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने अगस्त में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि विधायक के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। सेंगर के खिलाफ आइपीसी की धारा 120बी, 363, 366, 109, 376 (आई) और पॉक्सो एक्ट 3और4 के तहत आरोप तय किए गए। 

कुलदीप सिंह के खिलाफ आरोप सही- सीबीआई
सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दायर की थी। साथ ही कोर्ट से कहा था कि जांच में साफ हो गया है कि कुलदीप सिंह पर दुष्कर्म और शशि सिंह पर साजिश में शामिल होने के आरोप सही हैं। जांच एजेंसी ने बताया था कि शशि सिंह पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने के विधायक के घर ले गई थी, जहां उसके साथ ये घटना हुई।