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UNSC की अहम बैठक, कश्मीर मामले को लेकर पाकिस्तान-चीन को बड़ा झटका

बैठक बंद दरवाजे की पीछे चलेगी लेकिन इसमें पाकिस्तान का शामिल नहीं हो पाएगा क्योंकि पाकिस्तान न तो इस परिषद का स्थाई सदस्य है और न ही अस्थाई।

UNSC members Decline To Support Pakistan on kashmir Artical 370
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New Delhi, First Published Aug 16, 2019, 10:30 AM IST
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नई दिल्ली. कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान काफी बौखला गया है। उसके लिए कश्मीर मुद्दा गले का फांस बन गया है। उसे समझ नहीं आ रहा कि वह कश्मीर मामले को लेकर क्या करे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन को छोड़कर उसका कोई साथ देने के लिए तैयार नहीं हुआ। अब सिर्फ चीन बचा है, जो पाकिस्तान की फरियाद सुन रहा है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र चीन के गिड़गिड़ाने पर कश्मीर मुद्दे पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की गई।

इतिहास में दूसरी बार कश्मीर पर हो रही बैठक

कश्मीर मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र जैसी मुखिया संस्था को बंद दरवाजे के पीछे बैठक करनी पड़ी। संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब कश्मीर मुद्दे पर कोई बैठक हो रही है। हालांकि दूसरी बैठक 1965 की पहली बैठक से कई मायनों में अलग है। पहली बैठक न तो बंद दरवाजे के पीछे थी और न ही सुरक्षा परिषद् के अधिकांश सदस्य देशों ने पाकिस्तान का समर्थन करने से मना किया था।

इन देशों ने पाक को वोट के नाम पर दिखाया ठेंगा

स्थाई सदस्यों में चीन को छोड़ दें तो बाकी के देशों-फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका ने पाकिस्तान को ठेंगा दिखा दिया है। इनका स्पष्ट कहना है कि कश्मीर मुद्दा हिंदुस्तान और पाकिस्तान का आंतरिक मसला है, इसलिए दोनों देश मिलकर निपटें, किसी तीसरे पक्ष की इसमें दरकार नहीं है। बता दें, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) में कुल 15 सदस्य हैं। इनमें 5 स्थाई और 10 अस्थाई हैं। अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल कुछ वर्षों के लिए होता है जबकि स्थाई सदस्य हमेशा के लिए होते हैं। स्थाई सदस्यों में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस शामिल हैं। अस्थाई देशों में बेल्जियम, कोट डीवोएर, डोमिनिक रिपब्लिक, इक्वेटोरियल गुएनी, जर्मनी, इंडोनेशिया, कुवैत, पेरू, पोलैंड और साउथ अफ्रीका जैसे देश हैं।

अस्थाई सदस्यों ने भी किया इनकार

पोलैंड के अलावा बेल्जियम, कोट डीवोएर, डोमिनिक रिपब्लिक, इक्वेटोरियल गुएनी, जर्मनी, इंडोनेशिया, कुवैत, पेरू और साउथ अफ्रीका पाकिस्तान को पूरी तरह नकार चुके हैं। इन देशों से पाकिस्तान को धेले भर का समर्थन नहीं मिलने वाला है। तभी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने विश्व बिरादरी के सामने दुखड़ा रोया कि गए तो सबकी दहलीज पर लेकिन भाव किसी ने नहीं दिया।

पाकिस्तान बैठक में नहीं हो सकेगा शामिल 

बैठक बंद दरवाजे की पीछे चलेगी लेकिन इसमें पाकिस्तान का शामिल नहीं हो पाएगा क्योंकि पाकिस्तान न तो इस परिषद का स्थाई सदस्य है और न ही अस्थाई। इसके अलावा बंद कमरे की बैठक का प्रसारण नहीं किया जाएगा। मतलब, पत्रकारों की उसमें पहुंच नहीं होगी।

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