नागरिकता संसोधन बिल सोमवार देर रात लोकसभा में पास हो गया है। लेकिन अब इसका देश के कई राज्यों में विरोध हो रहा है। उधर, अमेरिका में भी इस बिल का विरोध देखने को मिला।

वॉशिंगटन. नागरिकता संसोधन बिल सोमवार देर रात लोकसभा में पास हो गया है। लेकिन अब इसका देश के कई राज्यों में विरोध हो रहा है। उधर, अमेरिका में भी इस बिल का विरोध देखने को मिला। अमेरिका के इंटरनेशनल रिलीजियस फेडरल कमीशन ने बिल को 
गलत दिशा में खतरनाक कदम बताया है। साथ ही मांग की है कि अगर यह बिल भारत की संसद (दोनों सदनों) से पास हो जाता है तो अमेरिका में गृह मंत्री अमित शाह पर प्रतिबंध लगाया जाए। 

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नागरिकता संसोधन बिल 2019 के मुताबिक, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक आए हिंदू, सिख, बुद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चियन के साथ अवैध घुसपैठियों जैसा व्यवहार नहीं होगा, बल्कि उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी। 

लोकसभा में बिल के पास होने से परेशान कमीशन
इंटरनेशनल रिलीजियस फेडरल कमीशन द्वारा सोमवार को जारी बयान के मुताबिक, कमीशन लोकसभा में विधेयक के पारित होने से बहुत परेशान है। कमीशन ने कहा, अगर यह बिल भारत के दोनों सदनों से पास हो जाता है तो अमेरिकी सरकार को अमित शाह पर प्रतिबंध लगाने चाहिए। अन्य देशों को भी ऐसा ही करना चाहिए। 

'किसी धर्म को डरने की जरूरत नहीं है'
अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में यह बिल पेश किया था। दिन भर चली चर्चा के बाद देर रात यह बिल पास हो गया। इसके समर्थन में 311 वोट पड़े। विरोध में 80 संसद ने मत डाले। इससे पहले अमित शाह ने साफ कर दिया कि किसी भी धर्म को लेकर इस बिल को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। शाह ने कहा, बिल से भारतीय मुस्लिमों का कोई लेना देना नहीं है।