स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि ड्राई रन के दौरान को विन (Co-WIN) में डाटा एंट्री, कोरोना वायरस वैक्सीन वितरण की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, परीक्षण रसीद और आवंटन, टीम के सदस्यों की तैनाती, लाभार्थियों का मॉक ड्रिल शामिल है। 

नई दिल्ली. कोरोना की वैक्सीन लगाने के लिए दो दिनों के लिए चार राज्यों में ड्राई रन किया जा रहा है। ये राज्य पंजाब, असम, आंध्र प्रदेश और गुजरात है। 

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डाटा एंट्री से लेकर वितरण तक..सब किया जा रहा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि ड्राई रन के दौरान को विन (Co-WIN) में डाटा एंट्री, कोरोना वायरस वैक्सीन वितरण की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, परीक्षण रसीद और आवंटन, टीम के सदस्यों की तैनाती, लाभार्थियों का मॉक ड्रिल शामिल है।

आंध्र प्रदेश, पंजाब, गुजरात और असम राज्य ड्राई रन के बाद केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे। मंत्रालय ने कहा कि ड्राई रन में कोरावायरस वायरस वैक्सीन के लिए कोल्ड स्टोरेज और परिवहन व्यवस्था का परीक्षण, उचित शारीरिक गड़बड़ी के साथ सत्र स्थलों पर भीड़ का प्रबंधन भी शामिल होगा। ड्राइ रन के दौरान जो मुश्किलें आएंगी, जो अनुभव और वक्त लगेगा, उसपर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

जनवरी से वैक्सीन लगने की शुरुआत हो सकती है
सरकार ने पहले ही कह दिया है कि संभव हुआ तो जनवरी से ही वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो जाएगा। आम आदमी तक वैक्सीन पहुंचाने की एक लंबी प्रक्रिया है। जैसे- वैक्सीन का भंडारण, राज्यों में वैक्सीन भेजना और फिर जिला स्तर तक आम आदमी को वैक्सीन लगाना। 

वैक्सीन के लिए इस प्रक्रिया को किया जाएगा पूरा

  • वैक्सीन लगाने के लिए पहले डिपो से वैक्सीन की खेप अलग-अलग जिलों में भेजी जाएगी।
  • वैक्सीन ले जाते समय तापमान का खास ख्याल रखा जाएगा। बार-बार तापमान मापा जाएगा। 
  • जब ये प्रक्रिया हो रही होगी, तभी जिन्हें वैक्सीन लगनी है उन्हें एसएमएस भेजा जाएगा।
  • मैसेज में वैक्सीनेशन टीम का जिक्र होगा, साथ ही वक्त और जगह भी लिखा होगा।