पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है। बंगाल में चुनावी हिंसा का पुराना इतिहास रहा है। इसीलिए इस बार केंद्रीय सुरक्षाबलों की 1000 से ज्यादा टीमें वहां भेजी जा रही हैं। इस बीच इंडियन सेक्युलर फ्रंट(ISF) के कार्यकर्ता के घर से पुलिस ने बम और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। जानिए हैं कौन हैं इसके लीडर...

कोलकाता, पश्चिम. इस तस्वीर में दिखाई दे रहे लीडर का नाम है पीरजादा अब्बास सिद्दीकी। इनकी पार्टी कांग्रेस के गठबंधन से बंगाल में चुनाव लड़ रही है। इसे लेकर अलग विवाद है। इसी बीच दक्षिण 24 परगना के भांगोर में इनके एक कार्यकर्ता के घर से पुलिस ने देसी बम, विस्फोटक, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। खुफिया सूचना के बाद पुलिस ने सोमवार रात सीतूरी में आईएसएफ के कार्यकर्ता जलील मोल्ला के घर पर छापा मारा था। हालांकि आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले ने बंगाल में चुनावी हिंसा की आशंका बढ़ा दी है।

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जानें ये कुछ बातें
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटों के लिए 27 मार्च से आठ चरण में मतदान शुरू होगा।
फुरफरा शरीफ अहले सुन्नतुल जमात के संस्थापक पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने अपनी अलग पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट(ISF) बनाई है। 34 साल के पीरजादा मुस्लिम धर्म गुरु हैं। वे हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ से जुड़े हैं। यह देश की एक पवित्र मजार मानी जाती है। इसे अजमेर शरीफ के बाद दूसरे नंबर पर माना जाता है।

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हालांकि पार्टी ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को झूठा फंसाया जा रहा है। पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर अपने समर्थकों पर हमला करने का भी आरोप लगाती है।

वैसे बता दें कि ISF और कांग्रेस यहां गठबंधन से चुनाव लड़ रही है। इसे लेकर कांग्रेस में भी फूट पड़ गई है। सांसद आनंद शर्मा ने इसकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा है कि यह पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवादी और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है।