आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक अहम फैसला लिया है। अब सरकार इस योजना से जुड़े कर्मचारियों को ईपीएफओ से भी जोड़ेगी। बता दें कि यह फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो पहले पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे और उनकी तनख्वाह 15 हजार से कम है। इसके अलावा जो लोग अगस्त से सितंबर महीने तक नौकरी में नहीं थे, लेकिन उसके बाद पीएफ से जुड़े रहे तो उन्हें भी इसका फायदा होगा। 

नई दिल्ली. आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक अहम फैसला लिया है। अब सरकार इस योजना से जुड़े कर्मचारियों को ईपीएफओ से भी जोड़ेगी। बता दें कि यह फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो पहले पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे और उनकी तनख्वाह 15 हजार से कम है। इसके अलावा जो लोग अगस्त से सितंबर महीने तक नौकरी में नहीं थे, लेकिन उसके बाद पीएफ से जुड़े रहे तो उन्हें भी इसका फायदा होगा।

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न्यूज एजेंसी एएनआई से मिली जानकारी के मुताबिक, यह फायदा उन पंजीबद्ध कर्मचारियों को भी मिलेगा जिनका पंजीयन 1 अक्टूबर से हुआ है। योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि यह योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी।

कैसे होगा कर्मचारियों को फायदा?

वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार दो साल तक 1000 तक की संख्या वाले कर्मचारियों वाले संस्थाओं को नई भर्ती वाले कर्मचारियों के पीएफ का पूरा 24 फीसदी हिस्सा सब्सिडी के रूप में देगी। 1000 से ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थान में नए कर्मचारी के 12 फीसदी पीएफ योगदान के लिए सरकार 2 साल तक सब्सिडी देगी। इसमें लगभग 95 फीसदी संस्थान आ जाएंगे और करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा। बता दें कि यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगा।

हाउसिंग क्षेत्र को कैसे मिली बड़ी राहत?

इन राहत पैकेज के अलावा केंद्र सरकार ने हाउसिंग के क्षेत्र में एक बड़ी राहत देते हुए सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू की छूट को बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है। हालाकि यह छूट 2 करोड़ तक के मकान के लिए ही होगी। वहीं, पहली बार खरीदारी करने वाले लोगों को ही इस छूट का लाभ मिलेगा। इसे 30 जून 2021 तक के लिए लागू किया गया है।

सरकारी टेंडर में बड़ी राहत

केंद्र सरकार ने राहत पैकेज में सरकारी टेंडर को लेकर भी बड़ी राहत दी हैं। अब सरकारी टेंडर में बयाना जमा-राशि (EMD) पर भी बड़ी राहत मिलेगी। परफॉर्मेंस सिक्युरिटी को घटाकर 3 फीसदी कर दिया गया है। आपको बता दें कि ईएमडी हर सरकारी टेंडर के लिए अनिवार्य होता है। फिलहार इसे 31 दिसंबर 2021 तक के लिए लागू किया गया है।