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इंट्रेस्टिंग: नए साल में संकल्प लेने की शुरुआत किसने की? जानें दुनिया में प्रचलित इस परंपरा का इतिहास और महत्व

कुछ ही घंटों में नया साल आने वाला है। नए साल की शुरुआत में हर साल लोग कुछ न कुछ संकल्प लेते हैं। संभव है कि अधिकांश लोगों ने इस साल के लिए किए गए संकल्पों को पूरा नहीं किया होगा, क्योंकि कोरोना महामारी की वजह से लोग घर से भी बाहर नहीं निकल सकें।

Who started the tradition of New Year resolution Learn the history and importance kpn
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New Delhi, First Published Dec 30, 2020, 12:23 PM IST
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नई दिल्ली. कुछ ही घंटों में नया साल आने वाला है। शुरुआत में हर साल लोग कुछ न कुछ संकल्प लेते हैं। संभव है कि अधिकांश लोगों ने इस साल के लिए किए गए संकल्पों को पूरा नहीं किया होगा, क्योंकि कोरोना महामारी की वजह से लोग घर से बाहर नहीं निकल सकें। अब जब नए साल के संकल्प की बात हो ही रही है तो क्या आप जानते हैं कि नए साल के संकल्प की यह परंपरा किसने शुरू की? आइये इस परंपरा के इतिहास और महत्व को जानते हैं? 

बेबीलोनिया से हुई संकल्प लेने की शुरुआत
नए साल के संकल्प के बारे में कहा जाता है कि इसकी शुरुआत 4,000 साल पहले बेबीलोनिया से हुई थी। बेबीलोनिया प्राचीन मेसोपोटामिया में एक राज्य था। यह अभी इराक में है। इसकी स्थापना 4,000 साल से भी पहले यूफ्रेट्स नदी पर एक छोटे बंदरगाह पर हुई। 

देवताओं से अच्छे काम, दान का वादा करते थे  
माना जाता है कि बेबीलोनिया के लोगों ने इस परंपरा को 12 दिनों के नए साल के उत्सव अकीतु के दौरान शुरू किया था। इस समय के दौरान उन्होंने देवताओं से वादा किया कि वे आने वाले वर्ष में अच्छे काम और दान करेंगे। 12 दिवसीय उत्सव के दौरान बेबीलोनिया के लोग फसल उगाते थे और देवताओं से अपने ऋण का भुगतान करने और किसी भी उधार माल को वापस करने का वादा करते थे। 

देवताओं से आशीर्वाद लेने के लिए करते था वादा

उसका मानना ​​था कि अगर उन्होंने ऐसा कोई वादा किया तो देवता उन्हें आशीर्वाद देंगे। प्राचीन रोम में नए साल पर संकल्प लेने की परंपरा जारी रही। 

46 ईसा पूर्व में सम्राट जूलियस सीजर ने एक नया कैलेंडर पेश किया और 1 जनवरी को नए साल की शुरुआत के रूप में घोषित किया। नई तारीख ने रोमन देवता जानूस को सम्मानित किया। 1671 में स्कॉटिश लेखक ऐनी हल्केट ने एक डायरी लिखी, जिसमें कई प्रस्तावों जैसे 'मैं इसे और नहीं करूंगा' लिखा था, उन्होंने 2 जनवरी को लिखा, जिसके पृष्ठ का नाम 'संकल्प' रखा। 

1802 तक नए साल में संकल्प की परंपरा आम हो गई

1802 तक लोगों के बीच नए साल के संकल्प की परंपरा आम हो गई।  गौरतलब है कि नए साल में संकल्प की परंपरा आज पूरी दुनिया में प्रचलित है।  हालांकि, इस परंपरा का उद्देश्य आत्म-सुधार करना है। इसलिए कुछ छोटे से शुरू करें और साल के अंत तक यदि आपने अपने किसी भी संकल्प को पूरा किया है, तो समझें कि आपने कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

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