तमिलनाडु की विशेष अदालत ने किशोरी के यौन उत्पीड़न के मामले में शनिवार को 15 लोगों को दोषी करार दिया। न्यायाधीश आर एन मंजुला ने पॉक्सो अधिनियम के तहत 15 लोगों को दोषी करार दिया। 

चेन्नई. तमिलनाडु की विशेष अदालत ने किशोरी के यौन उत्पीड़न के मामले में शनिवार को 15 लोगों को दोषी करार दिया। न्यायाधीश आर एन मंजुला ने पॉक्सो अधिनियम के तहत 15 लोगों को दोषी करार दिया। इस मामले में अदालत ने एक व्यक्ति को बरी कर दिया। इसके अलावा एक आरोपी की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।

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सात महीने से अधिक समय तक हुई थी किशोरी से बर्बरता

अदालत तीन फरवरी को दोषियों को सजा सुनाएगी। यह मामला 17 लोगों द्वारा एक नाबालिग बधिर किशोरी के यौन उत्पीड़न से संबंधित है। अधिकतर दोषी यहां अयानावरम में एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में प्लंबर, सफाई कर्मी, चौकीदार और लिफ्ट ऑपरेटर के तौर पर काम करते थे। 

दोषियों ने कथित रूप से किशोरी के साथ सात महीने से अधिक तक कई बार दुष्कर्म किया। मामला तब सामने आया जब सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता ने अपनी बड़ी बहन को आपबीती सुनायी। बड़ी बहन ने इसकी जानकारी अपने परिजन को दी, जिसके बाद किशोरी के पिता ने 15 जुलाई 2018 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)