भारत ने 22 बांग्लादेशी नागरिकों को असम के सुतारकंडी सीमा चौकी के माध्यम से निर्वासित किया। ये बांग्लादेशी नागरिक अलग-अलग समय पर असम के विभिन्न हिस्सों से वैध दस्तावेजों के बिना भारत में दाखिल हुए थे।

गुवाहाटी। भारत ने शनिवार को 22 बांग्लादेशी नागरिकों को असम के सुतारकंडी सीमा चौकी के माध्यम से निर्वासित किया। अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों की उपस्थिति में असम के करीमगंज जिले के सुतारकांडी में अंतरराष्ट्रीय सीमा बिंदु के माध्यम से कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया।

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रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेशी नागरिक अलग-अलग समय पर असम के विभिन्न हिस्सों से वैध दस्तावेजों के बिना भारत में दाखिल हुए थे। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 22 बांग्लादेशी नागरिकों को असम के करीमगंज जिले के सुतारकंडी आईसीपी और बांग्लादेश के शेवला आईसीपी के माध्यम से भेजा गया था।

विशेष डीजीपी (सीमा), असम के आदेश के अनुसार ज्ञापन संख्या एसडीजीपी(बी)/III/प्रत्यावर्तन/690/2021/283 दिनांक 03/02/2022 और बॉर्डर गार्ड बटालियन, बांग्लादेश मेमो नं। 44.02.3210.152.01.07.22.13 दिनांक 10/02/2022 के अनुसार बांग्लादेशी नागरिकों को इंस्पेक्टर (सीमा) अमीनुल इस्लाम द्वारा सौंप दिया गया और शेवला के मुस्तक अहमद, इमिग्रेशन चेक पोस्ट, बांग्लादेश ने अपने कब्जे में ले लिया।

जेलों में बंद थे बांग्लादेशी नागरिक
सुतारकंडी आईसीपी के आव्रजन अधिकारी समरेंद्र चक्रवर्ती ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिक राज्य की विभिन्न जेलों में बंद हैं। शनिवार को कुल 22 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया है। वे धुबरी गुवाहाटी बोंगाईगांव, करीमगन, कछार की जेलों में बंद थे।

बता दें कि असम में बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों की समस्या काफी गंभीर है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के अनुसार राज्य में 19 लाख से अधिक गैर भारतीय नागरिकों की पहचान की गई है। इनमें ज्यादातर बांग्लादेशी हैं।

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