मंत्रियों की खासी नाराजगी के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1984 बैच के IAS अवतार सिंह को रिटायरमेंट के पहले ही पद से हटाया उनकी जगह विनी महाजन को नया चीफ सेक्रेट्री नियुक्त कर दिया है। विनी 1987 बैच की आईएएस हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनके पति दिनकर गुप्ता अभी पंजाब के डीजीपी हैं।  चीफ सेक्रेट्री के पद के लिए दो अन्य अधिकारी भी दौड़ में शामिल थे। इनमें विश्वजीत खन्ना और केवीएस सिद्धू शामिल हैं। सिद्धू को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। लेकिन कहा जा रहा है कि विनी महाजन को अजीत डोभाल का समर्थन मिला।

चडीगढ़.  1987 बैच की आईएएस विनी महाजन पंजाब की नई चीफ सेक्रेट्री नियुक्त की गई हैं। वे 1984 बैच के IAS अवतार सिंह की जगह लेंगी। अवतार सिंह को मंत्रियों की खासी नाराजगी के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रिटायरमेंट के पहले ही पद से हटा दिया। वे 31 अगस्त को रिटायर होने वाले थे। दिलचस्प बात यह है कि विनी महाजन के पति दिनकर गुप्ता अभी पंजाब के डीजीपी हैं। चीफ सेक्रेट्री के पद के लिए दो अन्य अधिकारी भी दौड़ में शामिल थे। इनमें विश्वजीत खन्ना और केवीएस सिद्धू शामिल हैं। सिद्धू को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। लेकिन कहा जा रहा है कि विनी महाजन को अजीत डोभाल का समर्थन मिला। जबकि सिद्धू को सोनिया गांधी का समर्थन होने की बात कही जा रही थी।

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दम्पती के हाथ में राज्य की कमान..
पंजाब में यह पहला मौका है, जब कोई दम्पती राज्य के दोनों महत्वपूर्ण पद पर बैठे हों। विनी महाजन की नियुक्त की घोषण शुक्रवार को की गई। अवतार सिंह के बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें किसी कॉरपोरेशन या अथॉरिटी के चेयरमैन पद पर बैठाया जाएगा। अभी उनका तबादला स्पेशल चीफ सेक्रेटरी गवर्नेंस रिफार्म्स एंड पब्लिक ग्रीवेंसिस के पद पर किया गया है। विनी महाजन कार्मिक और विजिलेंस विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी का कार्यभार भी संभालती रहेंगी। विनी महाजन अभी उद्योग विभाग में अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव के पद पर थीं। 

अवतार सिंह से नाराज थे मंत्री..
अवतार सिंह की मंत्रियों से पटरी नहीं बैठ रही थी। कुछ विवाद के चलते कई मंत्रियों ने उन्हें हटाने की सिफारिश की थी। मंत्रियों ने अवतार सिंह की मौजूदगी में कोई भी मीटिंग में शामिल होने से भी मना कर दिया था। 

पति की नियुक्ति विवादों में
उधर, दिनकर गुप्ता की डीजीपी की पोस्ट पर नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। बता दें कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में इस नियुक्ति को लेकर एक याचिका दायर है। इस मामले में अब 2 जुलाई को सुनवाई होनी है। दरअसल, डीजीपी के पद पर नियुक्ति के लिए कम से कम 6 महीने की सर्विस बाकी होना जरूरी है। दिनकर गुप्ता इसमें फिट नहीं बैठते। वहीं, डीजीपी ह्यूमन राइट्स मोहम्मद मुस्तफा की योग्यता अगस्त तक है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने सीनियरों को किनारे कर 7 फरवरी 2019 को दिनकर गुप्ता को पंजाब का डीजीपी नियुक्त कर दिया।

इन्होंने किया था चैलेंज
1985 बैच के आईपीएस मोहम्मद मुस्तफा और 1986 बैच के सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में चैलेंज किया था।