मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अमृतसर पहुंचे हुए हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने एक दिन पहले ही पंजाब दौरे की जानकारी ट्वीट कर दी थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब बदलाव चाहता है। आम आदमी पार्टी से एक ही उम्मीद है। कल अमृतसर में मिलते हैं। लेकिनपहुंचते ही उनका खासा विरोध शुरू हो गया है। शहर में कई जगहों पर 'केजरीवाल गो बैक' के होर्डिंग्स लगे हुए हैं।

अमृतसर. पंजाब में अगले साल यानि 2022 में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। लेकिन अभी से चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। सभी पार्टियों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अमृतसर पहुंचे हुए हैं। इस बीच उन्होंने ऐलान किया कि अगर विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जीती तो पंजाब का सीएम सिख समाज से ही बनाया जाएगा। 

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केजरीवाल के पहुचते ही लगे GO BACK के नारे 
जैसे ही केजरीवाल केजरीवाल अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका जबरदस्त विरोध भी हुआ। अकाली दल और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काला झंडा दिखाकर GO BACK के नारे भी लगाए। हालांकि, पुलिस ने दोनों दलों के नेताओं को दूर ही रोक लिया था और अंदर नहीं जाने दिया। बता दें कि उनकी यात्रा से एक दिन पहले से ही अमृतसर में उनका खासा विरोध शुरू हो गया है। शहर में कई जगहों पर 'केजरीवाल गो बैक' के होर्डिंग्स लगे हुए हैं

IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप आप में शामिल
बता दें कि अमृतसर में केजरीवाल के सामने 1998 बैच के IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। जिन्हें सीएम ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। कुंवर विजय प्रताप कोटकपूरा में हुए पुलिस गोलीकांड की जांच कर रही SIT के सदस्य भी रह चुके हैं। जब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट जांच रिपोर्ट को खारिज किया तो उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भी उनको आप में शामिल करने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस दौरान वह नहीं आ पाए थे।

केजरीवाल का 'राजनीतिक स्टंट'
बताया जा रहा है कि राज्य में सत्ताधारी पार्टी पंजाब यूथ कांग्रेस की तरफ से 'केजरीवाल गो बैक' के होर्डिंग्स लगवाए गए हैं। कांग्रेस नेता सौरभ मदान ने कहा कि केजरीवाल की पंजाब में कोई जरुरत नहीं है। वह केवल यह यात्रा केवल एक राजनीतिक स्टंट है। क्योंकि वह चुनाव से पहले ही अमृतसर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल यहां आते हैं तो हरमंदिर साहब का दर्शन करें और वापस दिल्ली जाएं। वह अपनी दिल्ली तो सुधार नहीं पाए पंजाब में क्या करेंगे। किस तरह से कोरोनाकॉल में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं बद से बदतर रहीं हैं, यह किसी से छिपा नहीं है।

'पंजाब बदलाव चाहता है'
बता दें कि केजरीवाल ने एक दिन पहले ही पंजाब दौरे की जानकारी ट्वीट कर दी थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब बदलाव चाहता है। आम आदमी पार्टी से एक ही उम्मीद है। कल अमृतसर में मिलते हैं। बता दें कि हाल ही के दिनों में केजरीवाल गुजरात के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने सभी सीटों पर विधानसभा चुवाव लड़के का ऐलान किया था। गुजरात के स्थानीय चुनाव में भी आम आदमी पार्टी को सफलता मिल चुकी है।

पिछले चुनाव में मुख्य विपक्षी पार्टी बनकर उभरी थी आप
आम आदमी पार्टी पंजाब में सरकार बनाने का सपना देख रही है। हाालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में आप ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 20 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि राज्य में कई बार सरकार बना चुकी शिरोमणि अकाली दल के खाते में 15 सीटें ही जीत सकी थी। वहीं पंजाब की 117 सीटों में से कांग्रेस ने 77 सीटों पर कब्जा जमाते हुए सरकार बनाई थी। इस तरह आम आदमी पार्टी पहली बार दिल्ली से बाहर किसी राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी बनी थी।

केजरीवाल ने सिर्फ आप को बताया किसानों का मसीहा
इससे पहले केजरीवाल किसानों के समर्थन में उत्तर प्रदेश के मेरठ में महापंचायत को संबोधित कर चुके हैं। 4 अप्रैल को हरियाणा के जींद स्थित हुडा मैदान में उनकी हरियाणा के किसानों के लिए महापंचायत होगी। अब पंजाब में महापंचायत को संबोधित कर रहे हैं। दरअसल, केजरीवाल इन महापंचायत के जरिए किसानों को बताने की कोशिश कर रही है कि सिर्फ आप ही आपके हक लिए साथ खड़ी है। ताकि वह इन राज्यों में अपनी पैठ बना सके। इन सबके जरिए केजरीवाल विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।

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