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बुजुर्ग को हाथ फैलाए देखकर भावुक हुए डिप्टी कमिश्नर और बोले, 'अब मैं ही तुम्हारा बेटा'

एक दबंग बहू लंबे समय से अपनी बुजुर्ग सास को परेशान कर रही थी। सास को घर से बेदखल कर दिया था। बुजुर्ग आंखों में आंसू लिए डीसी के पास पहुंची थी।

Emotional story related to an elderly woman and Ferozepur collector kpa
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Firozpur, First Published Dec 19, 2019, 4:43 PM IST
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फिरोजपुर, पंजाब. अपनी बहू की प्रताड़ना से यहां-वहां मदद के लिए भटक रही एक बुजुर्ग सास को उम्मीद नहीं थी कि एक अफसर उनके लिए इतना कुछ सोचेंगे। आंखों में आंसू लिए बुजुर्ग जब डीसी के पास मदद के लिए पहुंची, तो डीसी खुद भावुक हो गए। उन्होंने बुजुर्ग की न सिर्फ मदद की, बल्कि उसे अपनी मां का भी दर्जा दे दिया।

बुजुर्ग दम्पती सलविंदर सिंह और महिंदर कौर ने डिप्टी कमिश्नर के पास सीनियर सिटीजन मेंटेनेंस एक्ट के तहत मदद के लिए आवेदन लगाया था। दम्पती ने बताया कि उनके बेटे की मौत हो चुकी है। अब बहू उन्हें परेशान कर रही है। आए-दिन झगड़ा करती है। उन्हें घर से बेदखल कर दिया गया है। खेती भी नहीं करने दे रही। इस पर डिप्टी कमिश्नर की कोर्ट ने दम्पती के हक में फैसला सुनाया था। दम्पती को घर और जमीन पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। लेकिन बहू इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट ने भी बुजुर्ग दम्पती के हक में फैसला सुनाया।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को डिप्टी कमिश्नर चंद्र गैंद ने बुजुर्ग दम्पती को उनका हक दिलवा दिया। बहू के लिए घर में दो कमरे रहने दिए गए। इस दौरान बुजुर्ग महिला बेहद भावुक हो उठी। जब वो हाथ जोड़कर डीसी को धन्यवाद देने लगी, तो डीसी ने उसके हाथ पकड़ लिए। डीसी खुद भी भावुक हो उठे। उन्होंने बुजुर्ग महिला को गले लगाते हुए कहा कि आज से वे ही उसका बेटा हैं। डीसी ने बुजुर्ग से कहा कि कभी भी कोई परेशानी आने पर वे सीधे उन्हें बता सकती हैं।

डीसी खुद गांव पहुंचे

डीसी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बहू ने बुजुर्ग दम्पती को घर पर कब्जा नहीं दिया था। इसे देखते हुए वे खुद चांब गांव पहुंचे थे। डीसी ने बुजुर्ग दम्पती से कहा कि अगर अब बहू उन्हें परेशान करे, तो वे मक्खू थाने के प्रभारी बचन सिंह से भी संपर्क कर सकती हैं। डीसी ने इस बारे में डीएसपी राजविंदर सिंह और थाना प्रभारी को भी निर्देशित कर दिया। हालांकि डीसी ने गांववालों को भी समझाइश दी कि वे दोनों पक्षों को बैठाकर इस घरेलू मामले का स्थायी हल निकालें। इससे दोनों लोग हंसी-खुशी साथ रह सकें।
 

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