पंजाब में इस वक्त चुनावी माहौल चल रहा है। लेकिन मुस्लिम महिलाओं ने हिजाब को लेकर आज शनिवार को राज्य में विरोध करने का ऐलान भी कर दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान और पंजाब पहुंच चुका है।

लुधियाना/ जयपुर. कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब (Hijab Controversy) पर बैन करने का मामला अब अन्य राज्यों में तूल पकड़ने लगा है। जहां मुस्लिम छात्राओं ने बुरका और हिजाब पहनने पर हंगामा खड़ा किया हुआ है। वह अपने तरीके से विरोध-प्रदर्शन करते हुए सड़क पर उतर चुकी हैं। मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र के बाद अब पंजाब में भी इसका असर देखने को मिला है। आज मुस्लिम लड़कियों ने लुधियाना शहर में हिजाब मार्च निकालने का ऐलान किया है। वहीं हिजाब विवाद की आंच राजस्थान पहुंच गई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चुनावी राज्य में अब हिजाब का मुद्दा उठेगा
दरअसल, पंजाब में इस वक्त चुनावी माहौल चल रहा है। लेकिन मुस्लिम महिलाओं ने हिजाब को लेकर आज शनिवार को राज्य में विरोध करने का ऐलान भी कर दिया है। ऐसे में खासकर लुधियाना प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस की यही कोशिश है कि इन युवतियों और इस विरोध को रोका जाए।

यह भी पढ़ें-भोपाल में हिजाब पहनकर खान सिस्टर्स दे रहीं फ्लाइंग KISS, बुर्के में सड़कों पर बुलेट दौड़ाती दिखीं..देखिए Video

एमपी के सतना में हिजाब से बुरका पर आया मामला
बता दें कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश के सतना में हिजाब की लड़ाई बुरके पर आ चुकी है। एक छात्रा परीक्षा में बुरका पहन कर पहुंची तो हिंदूवादी संगठनों ने इस पर एतराज जताते हुए विरोध किया। तो वहीं वामपंथी दल तो कहीं मुस्लिम संगठन हिजाब के पक्ष में सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।

हिजाब का विवाद महाराष्ट्र में फैला
शुक्रवार को महाराष्ट्र (maharashtra) के मालेगांव (Malegaon) में महिलाओं ने हिजाब के समर्थन में जमकर प्रदर्शन किया। जहां महिलाएं हिजाब दिवस मनाने के लिए मालेगांव में जुटीं। जमीयत उलेमा ने अजीज कल्लू मैदान में प्रदर्शन का आयोजन किया। बुर्का और हिजाब पहनकर बड़ी संख्या में महिलाएं इसमें शामिल हुईं। और जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना है कि अगर हिंदू महिलाएं मंगलसूत्र, सिंदूर और बिंदी लगाकर पढ़ने जा सकती हैं तो मुस्लिम लड़कियां अपने धर्म का पालन क्यों नहीं कर सकती? वहीं प्रदर्शन में शामिल मौलाना मुफ्ती मो. इस्माइल ने कानून और धर्म पर उपदेश देते हुे कहा कि मुस्लिम महिलाओं से उनका हक कोई नहीं छीन सकता। भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है।

यह भी पढ़ें-मालेगांव पहुंचा कर्नाटक 'हिजाब विवाद', बुर्का पहन समर्थन में जुटीं महिलाएं, जानिए क्या है मामला

हिजाब विवाद की आंच राजस्थान पहुंची
अब राजस्थान में भी हिजाब पर विवाद शुरू हो गया है। जयपुर के चाकसू में शुक्रवार को कुछ छात्राएं कस्तूरी देवी कॉलेज में हिजाब और बुर्का पहनकर पहुंचीं छात्राओं को देख प्रबंधन ने कॉलेज यूनिफॉर्म पहनकर आने को कहा। इस पर छात्राएं नाराज हो गईं और विरोध शुरू कर दिया। इतना ही नहीं छात्राओं ने अपने परिजनों को भी कॉलेज बुला लिया।

कर्नाटक से शुरू हुआ था विवाद
बता दें कि कर्नाटक में हिजाब विवाद की शुरुआत उडुपी के एक कॉलेज से हुई थी। यहां जनवरी में हिजाब पर बैन लगा दिया था। इस मामले के बाद उडुपी के ही भंडारकर कॉलेज में भी ऐसा ही किया गया। अब यह बैन शिवमोगा जिले के भद्रवती कॉलेज से लेकर तमाम कॉलेज तक फैल गया है। इस मामले को लेकर रेशम फारूक नाम की एक छात्रा ने कर्नाटक हाईकोर्ट याचिका दायर की है।

यह भी पढ़ें-Karnataka Hijab Row: हिजाब पर विवाद के चलते शैक्षणिक संस्थानों की छुट्टी 16 फरवरी तक बढ़ाई गई

जानिए क्या है पूरा विवाद
कर्नाटक के कई कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने वालीं लड़कियों को कॉलेज में एंट्री नहीं दी जा रही है। वहीं, हिजाब के जवाब में हिंदू लड़कियां केसरिया दुपट्टा पहनकर आने लगी हैं। विवाद की शुरुआत उडुपी के एक कॉलेज से हुई थी, जहां जनवरी में हिजाब पर बैन लगा दिया था। इस मामले के बाद उडुपी के ही भंडारकर कॉलेज में भी ऐसा ही किया गया। इस मामले को लेकर रेशम फारूक नाम की एक छात्रा ने कर्नाटक हाईकोर्ट याचिका दायर की है। इसमें कहा गया कि हिजाब पहनने की अनुमति न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत मौलिक अधिकारों का हनन है। इस मामले को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है।

16 फरवरी तक कर्नाटक में स्कूल-कॉलेज बंद 
कर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court) में हिजाब मामला लंबित होने और हंगामे को रोकने के प्रयास में राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को शैक्षणिक संस्थानों के लिए छुट्टी 16 फरवरी तक बढ़ा दी। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर संवेदनशील इलाकों में शांति बैठक करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें-MP में मुस्लिम लड़कियों ने हिजाब और बुर्का पहनकर खेला फुटबॉल-क्रिकेट मैच, शिवराज सरकार के खिलाफ जताया यूं विरोध

यह भी पढ़ें-हिजाब पर पॉलिटिक्स: प्रियंका गांधी बोलीं-'बिकिनी हो या हिजाब; लड़की हूं लड़ सकती हूं' आए तीखे कमेंट्स