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पति से अनबन के बाद 2 बच्चों के संग अलग रह रही थी लेडी कांस्टेबल, लेकिन दु:ख सहन नहीं हुआ

पति से अनबन के बाद से मानसिक तनाव में जिंदगी जी रही लेडी कांस्टेबल ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। 29 वर्षीय कमलजीत कौर लुधियाना में ट्रैफिक पुलिस में कार्यरत थी। वो डेहलों स्थित सरकारी क्वार्टर में अपने दो बच्चों के साथ अलग रहती थी। माना जा रहा है कि वो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर फिक्रमंद रहती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Ludhiana Crime, Lady Constable of Traffic Police commits suicide kpa
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Ludhiana, First Published May 26, 2020, 5:25 PM IST
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लुधियाना, पंजाब. पति से अनबन के बाद से मानसिक तनाव में जिंदगी जी रही लेडी कांस्टेबल ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। 29 वर्षीय कमलजीत कौर लुधियाना में ट्रैफिक पुलिस में कार्यरत थी। वो डेहलों स्थित सरकारी क्वार्टर में अपने दो बच्चों के साथ अलग रहती थी। माना जा रहा है कि वो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर फिक्रमंद रहती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कमलजीत लुधियाना जिले के गांव खटड़ा चौहराम की रहने वाली थी। घटना की जानकारी मिलने पर डेहलों पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला पारिवारिक विवाद से परेशान थी।


लॉकडाउन ने तोड़ दिया CRIME पेट्रोल की एक्ट्रेस का सपना, डिप्रेशन में आकर लगा ली फांसी

यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है।  सोनी के चर्चित क्राइम सीरियल 'क्राइम पेट्रोल' के अलावा मेरी दुर्गा, लाल इश्क आदि में काम कर चुकी 25 वर्षीय प्रेक्षा मेहता ने इंदौर स्थित अपने घर पर फांसी लगा ली। लॉकडाउन के चलते वो मुंबई से घर आ गई थी। अपने करियर को लेकर आशंकित प्रेक्षा परेशान थी। उसने अपनी फेसबुक पेज पर इसका जिक्र किया है। बताते हैं कि प्रेक्षा दो साल पहले मुंबई गई थी। इस दौरान उसने छोटे-छोटे कई काम किए। लॉकडाउन के चलते वो डिप्रेशन में थी। वो मुंबई से इंदौर लौट आई थी। प्रेक्षा के पिता ने बताया कि वो परेशान थी। सोमवार रात उसने फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह घटना का पता चला। प्रेक्षा को फौरन अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। प्रेक्षा के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रेक्षा ने कई नाटकों और वीडियो एलबम में काम किया था। वो अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन में भी नजर आई थी।

इस बात का किया था जिक्र..
प्रेक्षा का इंदौर में बजरंग नगर में घर है। उनके पिता रवींद्र मेहता की जनरल स्टोर है। पिता ने बताया कि मुंबई में काम करके उनकी बेटी खुश थी। लेकिन जब वो लॉकडाउन के कारण इंदौर लौटी, तो मायूस थी। उसे लगता था कि अब शायद उसे काम मिलना मुश्किल होगा। हीरानगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रेक्षा ने दार्शनिक शैली में यह आखिरी बात कही थी कि सबसे बुरा होता है..सपनों का मर जाना।

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