कोरोना संक्रमण को रोकने देशभर में लॉकडाउन किया गया है। ऐसी स्थिति में लोगो को खाने-पीने की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर, गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ऐसे लोगों की मदद के लिए प्रशासन घर-घर राशन पहुंचा रहा है। लेकिन कुछ लोग घर में राशन होने के बावजूद मुफ्त का राशन पाने कॉल कर रहे हैं।

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मोहाली, पंजाब. लॉकडाउन में भी लोग इंसानियत और ईमानदारी पर नहीं टिक पा रहे हैं। देशभर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग अपने घर में भरपूर राशन होने के बावजूद प्रशासन से मुफ्त में राशन की गुहार लगा रहे हैं। जबकि इस राशन की जरूरत गरीबों को है। इन गरीबों की मदद के लिए प्रशासन घर-घर राशन पहुंचा रहा है। कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।

ऐसा ही एक मामला मोहाली में सामने आया है। वहां जब वॉलिंटियर एक शख्स के घर पर राशन देने गए, तो देखा कि वो अंडे की भुर्जी बना रहा था। एक अन्य जगह भी ऐसा ही कुछ सामने आया। मंगलवार को मदनपुरा तथा कुंभड़ा में दो लोगों के खिलाफ फेक कॉल कर राशन मांगने पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है।

बेशर्मी देखकर वॉलिंटियर हैरान रह गए
तहसीलदार हरविंदर बंसल ने बताया कि चंडीगढ़ की रेडक्रॉस सोसायटी से उन्हें कॉल आया था कि मदनपुरा गांव में दो लोगों को राशन की जरूरत है। उनके घरों में खाने को कुछ नहीं है। इस जानकारी के बाद वॉलिंटियर दिलीप कुमार नामक शख्स के घर पहुंचे। वहां जाकर देखा कि यह शख्स अंडे की भुर्जी बना रहा था। वहीं, घर में भरपूर राशन भरा हुआ था। जब उसे फटकारा गया, तो उसने बेशर्मी से स्वीकारा कि फ्री के राशन के लिए कॉल किया था। इसके बाद शख्स को फेज-1 पुलिस के हवाले कर दिया गया।

महीनेभर का राशन भरा मिला
ऐसा ही एक मामला कुंभड़ा में सामने आया। यहां वॉलिंटियर रोशन कुमार के घर पर महीनेभर का राशन भरा मिला। उसे फेज-8 पुलिस को सौंपा गया। बता दें कि जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने के लिए प्रशासन ने यहां हेल्पलाइन नंबर1905 शुरू की है। यहां कॉल करने पर पर्याप्त मात्रा में राशन पहुंचा दिया जाता है।