पंजाब सरकार ने गांव में कोरोना को मात देने और 100 फीसदी टीकाकरण कराने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया है कि जिन गांव के लोग 100 फीसदी टीकाकरण होगा उनको विशेष अनुदान के तौर पर 10 लाख रुपए दिया जाएगा। 

लुधियाना (पजांब). कोरोना के कहर के बीच सबसे ज्यादा चर्चा वैक्सीनेशन की हो रही है। दूसरी लहर का प्रकोप देख लेने के बाद कुछ ऐसे भी लोग हैं जो वैक्सीन लगवाने से डर रहे हैं। टीकाकरण में तेजी लाने के लिए पंजाब सरकार ने एक नई पहल की शुरूआत की है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया है कि जिस गांव के लोग 100 फीसदी टीकाकरण कराएंगे। उन गांवो को सरकार की तरफ से10 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

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विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित 
दरअसल, सीएम कैप्टन ने प्रदेश के सभी गांवों के प्रधान और पंचों से अपने-अपने गांव में कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़के के लिए अपील की है। उन्होंने सरपंचों से कहा कि वह लोगों के लिए कोरोना जांच और वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही अपने गांव में 100 फीसदी टीकाकरण कराने का लक्षय रखे। गांव को कोरोना मुक्त करने के लिए पंचायतों में विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करें। 

गांवों रोजाना 5000 रुपए से 50 हजार तक करें खर्च
बता दें कि मंगलवार को सीएम कैप्टन ने 4000 लाइव लोकेशनों पर करीब 2000 पंचायतों के मुखियों से बातचीत कर रहे थे। जिसमें उन्होंने सरपंचों से कहा कि वह 'कोरोना मुक्त पिंड अभियान' को ध्यान में रखकर काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही सरपंचों को कोविड के इमरजेंसी इलाज के लिए पंचायत फंड में से प्रति दिन 5000 रुपए की सीमा तक खर्च करने की अनुमति दे हुई है। अब यह सीमा 50,000 रुपए तक निश्चित गई है।

इस जंग में पूर्व सैनकों की मदद लीजिए
सीएम ने कहा इस लड़ाई के खिलाफ पूर्व सैनिकों की सेवाएं ले सकते हैं। इन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान कई जंगें लड़ी और इस महामारी के खिलाफ राज्य की जंग का हिस्सा हैं। सीएम ने कहा कि सरपंचों और पंचों को अपने-अपने गांवों में कोविड संक्रमित व्यक्तियों का प्रवेश रोकने के लिए ठीकरी पहरे शुरू करें। पॉज़िटिव पाए जाने वाले हर व्यक्ति को कोरोना किट मुहैया कराएं। साथ ही जिनका ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से नीचे है उनको तुरंत डॉक्सर की सलाह लीजिए।