आरोपी दंपति को शादी के तीन साल हो जाने के बाद भी कोई संतान नहीं थी। युवती का 6 महीने के अंदर गर्भपात हो जाता था। वह बच्चों का सुख चाहते थे, इसलिए उन्होने बच्चा गोद लेने के बारे में भी सोचा भी, लेकिन वह फार्मेलिटी पूरी नहीं कर पाते थे। इसलिए उन्होंने नवजात को चोरी करने की प्लानिंग कर ली।

अमृतसर (पंजाब).  क्या किसी को कोई बच्चा नहीं होती तो वह अपने सुख के लिए दूसरों को संतान के सुख से दुखी कर सकता है। उनको अपने ही मासूम बच्चों से दूर कर सकता है। लेकिन ऐसा एक मामला पंजाब में सामने आया है, जहां एक दंपति ने अस्पताल में पैदा हुए बच्चे को किडनैप कर लिया।

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52 घंटे में नवजात को पुलिस ने ढ़ूढ निकाला
दरअसल, यह मामला अमृतसर के अटारी कस्बे में मंगलवार को सामने आया था।, जहां एक पति-पत्नी ने मिलकर एक नवजात को उसकी मां से पहले ही दिन दूर करने की प्लानिंग कर डाली। मौका मिलते ही दंपति ने बच्चे को का अपहरण कर लिया। हालांकि पुलिस ने मासूम को 52 घंटे में खोजकर उसे दादी के सुपुर्द कर दिया है।

दंपति ने इसलिए चुराया था बच्चा
दरअसल, आरोपी दंपति को शादी के तीन साल हो जाने के बाद भी कोई संतान नहीं थी। युवती का 6 महीने के अंदर गर्भपात हो जाता था। वह बच्चों का सुख चाहते थे, इसलिए उन्होने बच्चा गोद लेने के बारे में भी सोचा भी, लेकिन वह फार्मेलिटी पूरी नहीं कर पाते थे। इसलिए उन्होंने नवजात को चोरी करने की प्लानिंग कर ली।

पत्नी एमए इकनॉमिक्स पास तो पति है जिम ट्रेनर
जानकारी के मुताबिक जहां आरोपी महिला एमए इकनॉमिक्स पास है और इंश्योरेंस का काम करती है। उसका पति जिम में ट्रेनर की नौकरी करता है। युवती पूरी योजना बनाकर एक इंश्योरेंस एजेंट बनकर प्रसूता और उसके परिवार से मिली। उसने अपना नाम सिमरन बताया था जो कि फर्जी था। महिला ने नवजात के साथ सेल्फी खींचने के बाहने उसको गोद में लिया और अचानक गायब हो गई।

CCTV के जरिए पकड़ाए दंपित
आरोपी दंपति ने जब दोनों को फोन कॉल किया तो वह एक पीसीओ का निकला। पुलिस ने उस नंबर की डिटेल निकालकर दुकान का पता किया। CCTV कैमरे में दोनों आरोपियों के चेहरे पुलिस को दिखाई दिए। जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी छानबीन की और उनको हिरासत में ले लिया।