चंडीगढ़. अक्सर खिलाड़ी और बॉलीवुड स्टार के हल्के-फुल्के कमेंट्स उन पर भारी पड़ जाते हैं। क्रिकेटर युवराज सिंह (cricketer yuvraj singh) दलितों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बुरी तरह फंस चुके हैं। उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अब वो सजा से बचने के लिए याचिका दायर कर हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हुए हैं। जिस पर कुछ घंटों बाद  पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (punjab and hariyana highcourt ) सुनवाई करने वाला है।

युवराज पर लटक रही गिरफ्तारी तलवार
दरअसल, पिछले साल जून महीने में दलितों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में क्रिकेटर युवराज सिंह के खिलाफ शिकायत दायर की गई थी। दलित ह्यूमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन ने उनके खिलाफ एफाआईआर की मांग की थी। जिसपर इस साल 8 फरवरी को हिसार जिले के हांथी थान में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब रजत कलसन युवराज की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी इस आपत्तिजनक टिप्पणी से दलितों की भावनाएं आहत हुए हैं।

क्रिकेटर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मांगी माफी
युवराज सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने ऐसी कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की और उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। मैं पहले भी इस मामल में दलितों से मांफी मांग चुका हूं। युवराज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि मैंने अनजाने में लोगों की भावनाओं को अगर आहत किया हो तो मुझे इसका दुख है।  मैं रंग, जाति, पंथ के आधार पर किसी तरह के भेदभाव में यकीन नहीं करता। मैंने लोगों की भलाई के लिए जिंदगी जी है और आगे भी ऐसे ही जीना चाहता हूं। मैं जीवन की गरिमा में विश्वास करता हूं और बिना किसी अपवाद के प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करता हूं। मैं अपने दोस्तों से बात कर रहा था और उस समय मेरी बात को गलत तरीके से लिया गया, जो गलत है।

यह है पूरा मामला
बता दें कि युवराज सिंह पर आरोप लगा है कि वह पिछले साल रोहित शर्मा से लाइव चैट में युजवेंद्र चहल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जहां उन्होंने चहल के लिए जातिसूचक शब्द का उपयोग किया था। जून 2020 में यह मुद्द गरमाया हुआ था, यहां तक कि सोशल मीडिया और Twitter पर #युवराज_सिंह_माफी_मांगो  ट्रेंड कर रहा था। इस मामले में नेशनल एलायंस और दलित ह्यूमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन ने पुलिस में शिकायत दी थी। जिस मामले में पिछले 10 अगस्त को पंचकूला स्थित साइबर सेल में भेजा था। जिसमें लंबी प्रक्रिया के बाद 21 सितंबर को रिपोर्ट प्राप्त हुई। अब आज गुरुवार को उस पर सुनवाई होना है।