आज तक आपने फिल्म और किताबों में भूत और चुड़ैलों की कहानी तो सुनी होगी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे आशिक की कहानी बताते हैं, जिसकी प्रेमिका उसे भूत बनकर परेशान करने लगी। इसके बाद डर के मारे लड़के ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया।

रिलेशनशिप डेस्क : हर लव स्टोरी एंडिंग हैप्पी नहीं होती है। कई प्रेम कहानियां ऐसी होती हैं जो खौफनाक होती हैं। कुछ ऐसा ही छत्तीसगढ़ में स्थित कोरबा में हुआ, जहां पर एक लड़की ने लड़के से प्यार किया और उस पर विश्वास किया। लेकिन लड़के ने उसके प्यार और विश्वास का गला घोट दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया, पर मौत के बाद भी लड़की ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और उससे मौत का बदला लिया। आइए हम आपको बताते हैं घटना के बारे में...

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क्या है पूरा मामला 
दरअसल, यह घटना छत्तीसगढ़ के कोरबा की है, जहां पर 24 साल की अंजू यादव नाम की लड़की लगभग 8 महीने से लापता थी। जिसकी हत्या किसी और ने ही नहीं बल्कि उसके पागल प्रेमी गोपाल खड़िया ने की थी और अपने जुर्म को छुपाने के लिए लाश को नर्सरी में 20 फुट गड्ढा करके दफना दिया था। हालांकि, पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लाश को ढूंढ निकाला और आरोपी को भी पकड़ लिया। लेकिन इस दौरान आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया।

प्रेमिका का भूत करता रहा परेशान
मंगलवार को पुलिस ने आरोपी गोपाल खड़िया को हिरासत में ले लिया। इस दौरान जब उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म तो कबूल कर लिया, लेकिन चौंकाने वाला खुलासा भी किया। उसने बताया कि वह पिछले 8 महीने से डर के साए में जी रहा है, क्योंकि उसकी प्रेमिका का भूत उसे दिन-रात परेशान करता रहता है और चैन से जीने भी नहीं देता है। बता दें कि आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने गला घोंट कर प्रेमिका की हत्या की थी और अपना जुर्म छुपाने के लिए नर्सरी में लाश को दफना दिया था। पुलिस ने मृतका के कंकाल को निकाल लिया। जिसे देखकर अंजू की मां बेसुध हो गई और आरोपी का सख्त सजा देने की मांग की।

ऐसी हुई लव स्टोरी की शुरुआत 
आरोपी गोपाल ने बताया कि वह एक ईंट के भट्टे में ट्रक ड्राइवर का काम करता था। उसी भट्टे में अंजू यादव ईंट लोड करने का काम करती थी। इस दौरान दोनों की मुलाकात हुई। दोनों एक दूसरे से बातचीत करते रहे और उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। पिछले 3 सालों से दोनों एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। लेकिन अंजू शादी का दबाव बनाने लगी थी, जिसे लेकर दोनों के बीच लड़ाई झगड़े होने लगे और इससे परेशान होकर ही गोपाल ने अंजू को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और वह उसे ढेलवाडीह के सागौन की नर्सरी में ले गया और वहां गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। 

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