रिश्ते के अंदर सहनशीलता का अभाव होता जा रहा है। पति-पत्नी के उपर गुस्सा इस कदर हावी होता जा रहा है कि एक दूसरे की जान लेने से भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला झारखंड के जामताड़ा से सामने आया जहां एक छोटी सी बात पर पत्नी ने पति की हत्या कर दी।

रिलेशनशिप डेस्क. रिश्ते में प्यार, विश्वास और सहनशीलता का अभाव होता जा रहा है। खासकर पति-पत्नी के रिश्ते में। यहां छोटी से छोटी बात को लेकर पति-पत्नी एक दूसरे के जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। सात फेरे लेकर जीवन भर का साथ निभाने का वादा करने वाले ही एक दूसरे की जिंदगी छीन से पहले एक पल को नहीं सोच रहे हैं। झारखंड के जामताड़ा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो इस रिश्ते पर सवालिया निशान खड़ कर रहा है। यहां एक पत्नी अपने ही पति की हत्या करके जेल पहुंच गई और मर्डर का कारण भी हैरान करने वाला था।

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शादी के 4 महीने बाद दुल्हन बनी कातिल

जामताड़ा की सदर थाना क्षेत्र के जोरभिटा गांव में 4 महीने पहले एक घर में शहनाई बजी थी। सोलह श्रृंगार करके एक दुल्हन इस घर की नई सदस्य बनी थी। लेकिन उस वक्त लोगों को नहीं पता था कि वो हत्यारिन दुल्हन बन जाएगी। अपने ही सुहाग का कत्ल कर देगी। वो भी एक जींस के लिए। जी हां, पति को अपनी पत्नी को जींस पहनने से मना करना भारी पड़ गया। पत्नी इस कदर गुस्से में आ गई कि उसने चाकू से गोद कर अपने सुहाग को मौत की नींद सुला दिया।

जींस को लेकर मर्डर 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 12 जुलाई की शाम पत्नी पुष्पा हेंब्रम जींस पहनकर कुछ लोगों के साथ गोपालपुर गांव में मेला देखने गई हुई थी। उसके पति आंदोलन टूडू ने जब ये देखा तो उसने विरोध दर्ज कराया। उसने कहा कि तुम्हारी शादी हो गई है तुम जींस मत पहनों। इस बात को लेकर दोनों के बीच तूतू मैं-मैं हुई। इस बीच पुष्पा इस कदर गुस्से से पागल हो गई उसने हाथ में चाकू उठाया और अपने पति पर कई वार कर दिए।

महिला ने कबूला जुर्म 

इसके बाद घायल आंदोलन टूडू को जख्मी हालत में धनबाद के पीएमसीएच लाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पत्नी पुष्पा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस उसे पकड़ कर ले गई है और पूरे मामले की छानबीन हो रही है।

रिश्ते में दिल का नहीं मिलना

पति-पत्नी का रिश्ता तब तक मुकम्मल नहीं होता है जबतक दोनों के बीच प्यार ना हो। प्यार, भरोसा और एक दूसरे को समझना इस रिश्ते में जरूरी होता है। इस केस में दोनों का अभाव था। परिवार और समाज के दबाव में शादी तो हो जाती है लेकिन प्यार नहीं पनप पाता है। अगर यहां प्यार होता तो पत्नी कभी भी अपने पति की जींस को लेकर उस पर हमला नहीं करती और ना ही आंदोलन उसे जींस पहनने को लेकर रोकता या फिर लड़ाई करता। दोनों इसे लेकर शांति से बात करतें और मामले का हल खोजते।