भादौ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहते हैं। इसे अजा एकादशी भी कहते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, हर युग में पैदा होने वाले राक्षसों के विनाश के लिए गणपति ने अवतार लिए हैं।
इस बार 2 सितंबर, सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है। इस दिन घर-घर में भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है और पूजा कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है।
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। शिवपुराण के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीगणेश का जन्म हुआ था।
गांधारी ने महाभारत का युद्ध खत्म होने के बाद क्रोधित होकर श्रीकृष्ण को श्राप दिया था।
कुछ लोग सफलता के लिए शार्टकट अपनाते हैं, लेकिन शार्टकट से मिली सफलता ज्यादा दिन नहीं टिकती। इसलिए अगर लंबे समय तक सफल रहना है तो शार्टकट से बचिए। सफलता स्थायी तभी होती है, जब उसे स्वयं संघर्ष करके हासिल किया जाएगा।
श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण के पूरे जीवन का वर्णन मिलता है। जन्माष्टमी (23 अगस्त, शुक्रवार) के अवसर पर हम आपको श्रीमद्भागवत में लिखी श्रीकृष्ण के जीवन की कुछ रोचक बातें बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं-
इस बार 23 अगस्त, शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से की जाती है।
इस बार 23 अगस्त, शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
इस बार 23 व 24 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। शुक्रवार को अष्टमी तिथि सुबह 8.10 बजे पर लगेगी, जो अगले दिन सुबह 8.11 तक रहेगी।