बिहार में बढ़ती ठंड से हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस और आईजीआईसी जैसे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। डॉक्टरों ने ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बिहार न्यूज: क्रिसमस के बाद सर्द हवाओं ने बिहार में ठंड बढ़ा दी है। ठंड बढ़ने के कारण अस्पताल में ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। राजधानी के पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच), इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) और इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) में पिछले आठ दिनों से हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज जैसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

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आईजीआईसी में हर दिन पहुंच रहे पांच सौ मरीज

आईजीआईसी में हर दिन करीब पांच सौ मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल के कार्डियो विभाग के डॉक्टर ने बताया कि हार्ट अटैक, सीने में दर्द और सांस फूलने से संबंधित मरीज ज्यादा आ रहे हैं। वहीं, पीएमसीएच में ऐसे मरीजों की संख्या में 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। जबकि, आईजीआईएमएस में रोजाना आ रहे मरीजों से इमरजेंसी वार्ड फुल हो गया है।

आईजीआईएमएस में बीपी, हार्ट फेलियर के मरीजों से बेड फुल

आईजीआईएमएस के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रवि भूषण शान ने बताया कि बीपी, हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों से बेड फुल हैं। इस मौसम में मरीजों को नियमित रूप से दवा लेनी चाहिए, दवा छोड़ने से परेशानी हो सकती है। साथ ही ठंड को देखते हुए धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें।

ठंड के दिनों में सिकुड़ जाती हैं धमनियां

ठंड के मौसम में हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसका कारण यह है कि इस समय धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिसके कारण हृदय तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का प्रवाह बहुत कम हो जाता है। इससे हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। सीने में दर्द या बेचैनी, हाथ, गर्दन, जबड़े या पेट में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, उल्टी, जुकाम, पसीना आना जैसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें। जल्द ही डॉक्टर से सलाह लें।

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