राज्य में बजट सत्र 20 फरवरी से शुरु हो रहा है। यह मनोहर लाल सरकार का चौथा बजट होगा। आगामी 23 फरवरी को बजट पेश किया जा सकता है। उसकी तैयारियां चल रही हैं। इस सिलसिले में सभी विभागों से शुक्रवार को पिछले बजट का हिसाब तलब किया गया है।

चंडीगढ़। राज्य में बजट सत्र 20 फरवरी से शुरु हो रहा है। यह मनोहर लाल सरकार का चौथा बजट होगा। आगामी 23 फरवरी को बजट पेश किया जा सकता है। उसकी तैयारियां चल रही हैं। इस सिलसिले में सभी विभागों से शुक्रवार को पिछले बजट का हिसाब तलब किया गया है। खुद सीएम ने सभी विधायकों से बजट के संबंध में दस दिन में सुझाव मांगे हैं।

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बजट का आकार बढने की उम्मीद

पिछले वर्ष राज्य विधानसभा में एक लाख 77 हजार 255.99 करोड़ का बजट पेश हुआ था। वर्ष 2020-21 में बजट का आकार 1 लाख 53 हजार 384 करोड़ रुपये था। इस बार राज्य के बजट का आकार बढने की उम्मीद है। वार्षिक बजट एक लाख 90 हजार करोड़ तक पेश किया जा सकता है।

सभी विभागों से मांगा गया खर्च का ब्यौरा

राज्य के चीफ सेक्रेटरी ने सभी महकमों से पिछले बार पेश किए गए बजट के खर्च का ब्यौरा मांगा है। जिन विभागों में अभी तक बजट की धनराशि शेष बची है। उन महकमों से भी इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की गयी है।

एसीएस की बुलाई गयी बैठक

वैसे आम तौर पर राज्य में बजट मार्च महीने के पहले हफ्ते में पेश किया जाता है, पर इस साल बजट फरवरी के तीसरे सप्ताह में पेश किया जा रहा है। दो चरणों में चलने वाले बजट सत्र की तैयारियां चल रही हैं। सीएम खुद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी जरुरतें सुन रहे हैं और बजट के लिए सुझाव भी मांग रहे हैं। अगले सप्ताह सभी विभागों के एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) की बैठक भी बुलायी गयी है। बताया जा रहा है कि बैठक में बजट का खाका खींचा जा सकता है। जिसमें सभी विभागों के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा और उसी आधार पर वित्त विभाग बजट को अंतिम रुप देगा।