बेंगलुरु में जल संकट बढ़ता जा रहा है। ऐसे में तकनीकी एक्सपर्ट्स की सलाह है कि कंपनियां वर्क्र फ्रॉम होम कल्चर अपनाएं। इससे बाहर के काफी लोग होम टाउन लौटकर घर से काम करेंगे। ऐसे में शहर में पानी के खर्च का दबाव कम होगा।    

बेंगलुरु। बेंगलुरु में गर्मियों में बढ़ते जल संकट के कारण पानी बचाने के लिए तकनीकी एक्सपर्ट वर्क फ्रॉम होम ऑप्शन किए जाने का सजेशन दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मियों में बोरवेल सूखने और महंगे पानी के टैंकरों का असर ऑफिस की प्रोडक्टिविटी पर भी पड़ता है। वर्क्र फ्रॉम होम के जरिए इस जल संकट से बचा जा सकता है।

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वर्क फ्रॉम होम होने पर बाहर से आए लोग होम टाउन लौट जाएंगे
बेंगलुरु में वॉटर क्राइसिस गर्मी शुरू होते ही बढ़ने लगी है। ऐसे में वर्क फ्रॉम होम कल्चर शहर पर पानी संकट के दबाव को कम करने में सहयोगी साबित होगा। एक्सपर्ट्स की माने तो घर से काम करने के ऑप्शन मिलेगा तो बाहर से आकर बेंगलुरु में काम कर रहे ज्यादातर लोग अपने होम टाउन लौट जाएंगे और वहीं से काम करेंगे। इससे शहर पानी खर्च को लेकर दबाव कम होगा। 

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जल संकट का तनाव ऑफिस के काम पर भी पड़ेगा
तकनीकी एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेंगलुरु में बाहर से आकर बड़ी संख्या में लोग जॉब कर रहे हैं। यदि उनको वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन मिलता है तो वह होम टाउन में फैमिली के बीच रहकर काम करना पसंद करेंगे। इसके विपरीत यदि ये यहीं रहते हैं तो जल संकट से जूझते हुए काम करने पर उनका काम भी प्रभावित होता है। ये कंपनियों के लिए भी कोई लाभ की बात नहीं है। 

मेंटल प्रेशर बढ़ेगा कर्मचारी पर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑफिस से आते-जाते जब हम इसी प्रेशर में जिएंगे कि घर जाकर पानी मिलेगा या नहीं और अगले दिन फिर सुबह पानी के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ेगी या खरीदकर पानी पीना होगा तो वह काम कैसे कर सकेगा। उस मेंटल प्रेशर भी बढ़ता जाएगा। ऐसे में वर्क्र फ्रॉम होम देने से कंपनी का भी फायदा है, कर्मचारी का भी और इससे शहर वासियों को भी पानी की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी।