मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां मधुमक्खियों के काटने से एक युवक की मौत हो गई। जबकि 5 लोग घायल हो गए। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश). मधुमक्खियों का काटना एक सामान्य बात है, कुछ देर तक उसका दर्द होता है, लेकिन घरेलु उपचार करने पर वह ठीक भी हो जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां मधुमक्खियों के काटने से एक युवक की मौत हो गई। जबकि 5 लोग घायल हो गए। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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जब मधुमक्खियों के झुंड ने किया जानलेवा हमला

दरअसल, यह घटना छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा की है, जहां सोमवार सुबह कुछ लोग वर्धा नदी के पास जलाशय पर गेट बनाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने इन लोगों पर हमला कर दिया। कुछ लोगों ने सिर पर कपड़ा ढक लिया तो कुछ भागते हुए नजर आए। लेकिन कईयों पर मधुमक्खियों ने डंक मार दिए। जिसमें मुंशीलाल (55) नाम के युवक की मौके पर मौत हो गई।

हिमाचल में भी मधुमक्खियों के काटने से किसान की मौत

बता दें कि कुछ दिन पहले ही ऐसी ही एक घटना हिमाचल के ऊना जिले से सामने आई थी। जहां पनोह गांव में एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मधुमक्खियों के हमले में मौत हो गई थी। बताया जाता है कि यह युवक किसान था जो कि अपने खेत में फंसल कटवा रहा था, तभी मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला किया था।

जानिए क्या है डॉक्टरों की सलाह

मधुमक्खियों के काटने को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों का मौसम शुरू होते ही मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे बहुत कम केसेस आते हैं जब इनके अटैक से किसी की जान चली जाए। एक मधुमक्खी के हमले से ज्यादा खतरा नहीं होता है। लेकिन एक व्यक्त‍ि पर तमाम मधुमक्ख‍ियां हमला करती हैं और एक दर्जन से अधिक बार डंक से हमला होता है तो वह जहर बन जाता है।मधुमक्खी के डंक से अगर सीरियस एलर्जी रिएक्शन जीवन के लिए खतरा बन सकता है। जिसे मेडिकल भाषा में एनाफिलेक्सिस कहा जाता है। अगर घरेलु उपचार से भी दर्द ठीक नहीं तो इस हालत में तत्काल इलाज कराना चाहिए। सिर्फ मधुमक्खी ही नहीं कई अन्य कीड़े द्वारा डंक मारने वाले लोगों का एक वर्ग एनाफिलेक्सिस विकसित करता है।