महाराष्ट्र विधानसभा द्वारा मंगलवार को मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण की मंजूदी दे दी गई है। मराठा समुदाय की जनंसख्या प्रदेश में करीब 28 प्रतिशत है।

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा में मराठा आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। जिसके तहत मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इस विधेयक को पास करने का मुख्य उद्देश्य मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। ताकि वे भी प्रदेश के विकास की मुख्य धारा में बह सकें।

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महाराष्ट्र सीएम ने किया था विधेयक पेश

आपको बतादें कि महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में एक विधेयक पेश किया था। जिसमें उन्होंने मराठा समुदाय के लिए नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का सुझाव दिया था। दरअसल महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा आयोग द्वारा हालही मराठा समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति पर करीब 2.5 करोड़ परिवारों को शामिल कर एक सर्वे किया था। जिसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर आरक्षण के लिए 10 साल की अवधि की रूपरेखा तैयार की गई थी।

प्रदेश की आबादी का 28 प्रतिशत मराठा

बताया गया कि मराठा समुदाय प्रदेश की कुल आबादी का 28 प्रतिशत है। मराठा परिवार का एक बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे आता है। ऐसे में 21 प्रतिशत से अधिक पीले राशनकार्ड धारक है। इस प्रकार सर्वे से साफ पता चलता है कि 84 प्रतिशत परिवार आरक्षण की श्रेणी में नहीं आते हैं।