राजस्थान सरकार भर्ती परीक्षा यानि प्रदेश की करोड़ों जनता के लिए मुसीबत। अक्सर पेपर लीक होते हैं और प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी को इंटरनेट बंद कर दिया जाता है। एक फिर गहलोत सरकार ने 7 जिलों का नेट बंद कर दिया है।

जयपुर. राजस्थान में लगातार हर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होते जा रहे हैं। सरकार हर बार इसे रोकने के लिए नेट बंद ही करती है। इस बार भी रीट मेंस भर्ती परीक्षा में भी ऐसा ही हुआ। सरकार ने 7 जिलों में नेट बंद ही करवा दी। लेकिन पहले ही दिन अलसुबह जोधपुर में पेपर लीक की घटना सामने आई। हालांकि इससे पुलिस ने अभी तक पेपर लीक होना नहीं माना हैं।

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संपूर्ण राजस्थान में अधिनियम परीक्षा धारा लागू

दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस कह रही है कि उनके पास से जो पेपर मिला है वह बिल्कुल भी रियल पेपर से नहीं मिलता है एक वेकेशन सेम नहीं है। लेकिन सरकार उन आरोपियों से इन्वेस्टिगेशन उसी आधार पर कर रही है जैसे कि उन्होंने पेपर लीक किया हो। जिसने उन आरोपियों पर राजस्थान परीक्षा अधिनियम की धारा लगा रही है। इस पर पुलिस का कहना है कि ठगी हुई हो लेकिन तरीका बिल्कुल परीक्षा की तरह ही था ऐसे में यह धारा लगाई गई।

नोटबंदी की तरह नेटबंदी से होगा करोड़ों का नुकसान

वहीं प्रदेश के करीब 7 जिलों में तो परीक्षा के पहले दिन ही 25 और 26 को नोटबंदी करने के आदेश जारी हुए लेकिन यह नेटबंदी 1 मार्च तक बढ़ाई जा सकती है। क्योंकि 1 मार्च तक मेंस के पेपर है। ऐसे में मानना है कि इस बार 1 मार्च को परीक्षा के आखिरी समय तक इंटरनेट बंदी की जा सकती है। हालांकि अभी तक इसके आदेश जारी नहीं हुए हैं लेकिन बताया जा रहा है कि सरकार यह निर्णय ले सकती है। आपको बता देती राजस्थान में करीब 6 करोड़ के लगभग मोबाइल यूजर्स है। ऐसे में नोटबंदी होने के चलते इनमें से करीब डेढ़ करोड़ लोग जो डिजिटल पेमेंट उपयोग में लेते हैं वह पूरी तरह से ठप हुआ है। यहां तक कि कैब सर्विस सब्जी वालों का पूरे दिन का धंधा चौपट हो गया।