राजस्थान के भीलवाड़ा से स्पेशल ऑपरेशन टीम ने चार ऐसे शातिरों को गिरफ्तार किया है। जो सेंकड़ों में बैंक खाते से लाखों रुपए निकाल लेते थे। वह झोंपड़ी में बैठकर ऑनलाइन ठगी करते थे। उनके खाते से 22 करोड़ का रिकॉर्ड मिला है।

भीलवाड़ा. राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑनलाइन ठगी करने के मामले में एसओजी ने चार आरोपियों को भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ इलाके से गिरफ्तार किया है। यह ठगी कोई नौकरी लगाने और कोई लोन दिलाने के नाम पर नहीं बल्कि यूट्यूब पर वीडियो को लाइक और शेयर करने के नाम पर की गई। इतना ही नहीं पुलिस ने जब इन आरोपियों के अकाउंट खंगाले तो पुलिस खुद दंग रह गई क्योंकि इनके अकाउंट से पुलिस को करीब 22 करोड रुपए का लेनदेन मिला है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।

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इन शातिरों को एक महिला ने ऐसे पकड़वाया

दरअसल, राजधानी जयपुर की रहने वाली एक महिला ने मामला दर्ज करवाया कि उसके पास अपूर्वा नाम की किसी कंपनी टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर मैसेज आया। जिसमें लिखा गया था कि कंपनी में पार्ट टाइम जॉब निकली हुई है इसके तहत आपको केवल यूट्यूब पर वीडियो देखना होगा और उसे लाइक करना होगा जिसके बदले हर वीडियो पर ₹50 मिलेंगे। फिर क्या था पीड़िता आरोपियों के झांसे में आ गई और उसने वीडियो देखना और लाइक करना शुरू कर दिया। शुरुआती 1 सप्ताह में आरोपियों ने महिला को करीब 7 से 8 हजार ऊपर ट्रांसफर भी कर दिए इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को कहा कि आपने गलत वीडियो देख लिए हैं अब आपको दो लाख रुपए देने होंगे।

एक झटके में महिला के खाते से निकाल लिए 43 लाख रुपए

आरोपियों ने इसी तरह से महिला को झांसे में लेकर करीब 43 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। आखिरकार अप्रैल महीने में पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ तो महिला ने एसओजी में मामला दर्ज करवाया। जब पुलिस ने मोबाइल नंबरों की लोकेशन खंगाली तो वह भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ इलाके के ग्रामीण क्षेत्र की मिली। जब टीम ने मौके पर दबिश दी तो वहां एक झोपड़ी से पुलिस ने चार आरोपी गोवर्धन,लेहरुलाल, युवराज और किशन को पकड़ा।

एमबीए पास और इंजीनियरों को फंसा चुके अपने जाल में...

अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अब तक सैकड़ों लोगों से इसी तरह की ठगी कर चुके हैं। पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सके इसके लिए वह अपने घरों से दूर जाकर झोपड़ी से ठगी करते और शाम को वापस लौट आते। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड करवाने के लिए मुंबई जाते हैं जहां एक फर्जी ऑफिस तैयार करते हैं और उसके आधार पर ही बैंक अकाउंट खुलवा कर ठगी को अंजाम देते हैं।