ढाई साल की उम्र में बच्चों के पूरे दांत नहीं आते हैं। यहां तक कि वह सही से बोल भी नहीं पाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस उम्र में कोई ढाई साल की बच्ची माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंच जाए।

Rajasthan News: ढाई साल की उम्र में बच्चों के पूरे दांत नहीं आते हैं। यहां तक कि वह सही से बोल भी नहीं पाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस उम्र में कोई ढाई साल की बच्ची माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंच जाए। ऐसा ही कमाल करके दिखाया है राजस्थान की बेटी आर्या ने। आर्या मूल रूप से उदयपुर की रहने वाली है। जो एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की बच्ची बनी है। उसने अपने पिता सौरव और मां नेहा के साथ यह लक्ष्य पूरा किया है। इसके पहले 5 महीने तक आर्या ने ट्रेनिंग की थी।

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ढाई साल की बच्ची के पिता सौरव बताते हैं कि पिछली बार जब एवरेस्ट बेस कैंप में ट्रैक के दौरान गए थे तो वहां कई बच्चों को देखा था लेकिन कोई भी इंडिया का नहीं था। ऐसे में मुझे ख्याल आया कि क्यों ना मेरी बेटी को यहां लाया जाए। इसके बाद बेटी को लेकर आए हैं। जिसे यहां पहुंचने में कोई भी दिक्कत नहीं हुई। चढ़ाई के दौरान जहां भी चिकित्सा केंद्र आता वहां बेटी की जांच करवाते और शरीर को फिट रखने के लिए फुटबॉल खेला।

नेपाल में अधिकारियों से मिली स्पेशल परमिशन

ढाई साल की इस बच्ची की सेफ्टी के लिए नेपाल में अधिकारियों से भी स्पेशल परमिशन ली गई थी। तीन योग्य इंस्ट्रक्टर डॉक्टर और अन्य सुविधाओं को अलर्ट मोड पर रखा हुआ था लेकिन इस मासूम बच्ची को कोई भी इमरजेंसी सेवा की जरूरत नहीं पड़ी। यहां तक कि उसका ऑक्सीजन लेवल बड़ों के मुकाबले काफी बेहतर रहा। पिता सौरव बताते हैं कि अब बेटी को एवरेस्ट की तैयारी करवाएंगे।

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