उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद (UP Sanskrit Board) से एक मुस्लिम छात्र ने टॉप कर कमाल कर दिया है। किसान के बेटे इरफान ने उत्तर मध्यमा (इंटरमीडिएट) एग्जाम में 82.72 फीसदी अंक हासिल कर यूपी में पहला स्थान हासिल किया है। 

UP Sanskrit Board Topper: उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद (UP Sanskrit Board) से एक मुस्लिम छात्र ने टॉप कर कमाल कर दिया है। किसान के बेटे इरफान ने उत्तर मध्यमा (इंटरमीडिएट) एग्जाम में 82.72 फीसदी अंक हासिल कर यूपी में पहला स्थान हासिल किया है। इरफान के इस कीर्तिमान की हर तरफ चर्चा हो रही है। पैरेंट्स से लेकर टीचर्स तक की खुशी का ठिकाना नहीं है।

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संस्कृत में कम नंबर फिर भी इस वजह से बना टॉपर

देखा जाए तो इरफान को संस्कृत विषय में प्राप्त नंबर काफी कम है। पर अन्य विषयों में उसे काफी अच्छे नम्बर मिले हैं। यही वजह है कि इरफान ने उत्तर मध्यमा एग्जाम में प्रदेश में टॉप किया है। इरफान को अनिवार्य संस्कृत ​सब्जेक्ट के पहले प्रश्न पत्र में 50 में से सिर्फ 19 नंबर और दूसरे प्रश्न पत्र में 20 मार्क्स प्राप्त हुए हैं। पर अन्य विषयों में अच्छे अंक मिले हैं। साहित्य प्रथम में 100 में से 93 और साहित्या द्वितीय में 100 में से 83 अंक हासिल हुए हैं। हिंदी विषय में इरफान को 100 में 82 नम्बर और अंग्रेजी में 70 नंबर मिले हैं। इसी तरह समाजशास्त्र में 87 और भूगोल में 97 नंबर हासिल हुए हैं। उत्तर मध्यमा एग्जाम में पहले वर्ष में कुल 700 में से 607 अंक हासिल करने वाले इरफान इस साल भी परीक्षा में अव्व्ल रहें। कक्षा 11 और 12 के नम्बरों को मिलाकर देखा जाए तो उन्हें 1400 नंबर में से 1158 नंबर हासिल हुए। यही वजह है कि UP Sanskrit Board एग्जाम में इरफान ने अपना परचम लहराया है।

10वीं में भी टॉप 20 लिस्ट में शामिल था नाम

आपको बता दें कि बीते 3 मई को यूपी माध्यमिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजें घोषित किए गए थे। जब लोगों को पता चला कि संस्कृत बोर्ड के टॉपर का नाम इरफान है तो सुनने वाले भी हैरान हो गए। वह भी यह जानने के लिए उत्सुक थे कि आखिर इरफान संस्कृत बोर्ड से टॉपर कैसे बना? टॉपर्स की लिस्ट में दूसरे नम्बर पर छात्रा गंगोत्री देवी का नाम है। उन्हें 80.57 फीसदी मार्क्स मिले हैं। बात करें 10वीं की परीक्षा की तो उसमें बलिया के रहने वाले आदित्य ने टॉप किया है। वह 92.50 फीसदी मार्क्स के साथ शीर्ष पर हैं। इरफान अकेले ऐसे मुस्लिम छात्र हैं, जो 10वीं कक्षा में भी टॉप 20 लिस्ट में शामिल थे। आपको बता दें कि चंदौली के ज़िंदासपुर गांव के निवासी इरफान के पिता सलाउद्दीन खेती करते हैं।

जानिए इरफान के बारे में कुछ खास बातें

  • यूपी संस्‍कृत बोर्ड की परीक्षा टॉप करने वाले मोहम्मद इरफान (17 वर्षीय) के पिता सलाउद्दीन मजदूरी व खेती-बाड़ी का काम करते हैं।
  • संस्कृत शिक्षक बनने का सपना आंखों में संजोए इरफान ने 13,738 छात्रों को पीछे छोड़ संस्कृत बोर्ड का एग्जाम टॉप किया।
  • इरफान अब शास्त्री (बीए के समकक्ष) और आचार्य (एमए के समकक्ष) की पढ़ाई कर संस्कृत शिक्षक बनना चाहते हैं।
  • उनके पिता सलाउद्दीन बीए पास हैं। वह भाषा को धर्म से जोड़ना ठीक नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि परिवार इरफान का सपने के आड़े कभी नहीं आएगा।
  • सलाउद्दीन एक खेतिहर मजदूर हैं। जिसमें 300 रुपये दिहाड़ी मिलती है। महीने में कुछ दिनों के लिए ही मजदूरी का काम मिल पाता है। 
  • पैसों की तंगी की वजह से वह अपने इकलौते बेटे को किसी निजी स्कूल में पढ़ाने नहीं भेज सकते थे।
  • उन्हें संपूर्णानंद संस्कृत स्कूल के बारे में जानकारी मिली कि वहां सालाना फीस सिर्फ 400-500 रुपये है। इसलिए उन्होंने अपने बेटे का दाखिला संस्कृत स्कूल में कराया।
  • इरफान शुरुआती दिनों से ही पढ़ाई में तेज थे। पहले दिन से ही स्कूल में उन्होंने संस्कृत भाषा में रूचि लेनी शुरु कर दी थी। परिवार से कभी किसी बारे में शिकायत नहीं की।
  • सलाउद्दीन के पास पक्का घर नहीं है। करीब महीने भर पहले उन्हें पक्के घर के निर्माण के लिए सरकारी योजना से पैसे मिले हैं।